Saturday, September 5, 2026

25 मई से प्रचंड गर्मी के लिए हो जाएं तैयार, तपेंगे नौतपा या इस बीच होगी बारिश, क्या है धार्मिक-वैज्ञानिक कारण

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भोंपूराम खबरी। जेठ की गर्मी में सूरज आग बरसा रहे हैं। इसके बाद नौतपा से लोगों की परेशानी बढ़ने वाली है। जी हां हिन्दू पंचांग के अनुसार 25 मई से नौतपा शुरू हो रहे हैं। ऐसे में यदि आपको नहीं पता है कि नौतपा कैसे और कब शुरू होते हैं। नौतपा 25 मई से ही क्यों प्रारंभ होते हैं, नौतपा का वैज्ञानिक और धार्मिक कारण क्या है, नौतपा में बारिश हो जाए (Nautapa me Barish) तो क्या होता है, जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित से।

नौतपा 2026 कब से कब तक रहेंगे

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार हर साल की तरह इस साल भी नौतपा 25 मई से (Nautapa Monsoon) शुरू हो रहे हैं। इस दौरान सूर्य सबसे ज्यादा तपता है। इस दौरान प्रचंड गर्मी के साथ बारिश के योग भी बनते हैं। वो इसलिए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए गर्मी के साथ बारिश होना जरूरी है। वरना सूर्य देव के प्रकोप से कई निर्दोश मारे जाएंगे।

क्या नौपता में बारिश होगी (Nautapa me barish)

ज्योतिश में सूर्य और बुध की युति मौसम की स्थिरता के लिए खास मानी जाती है। 15 मई को सूर्य वृष राशि में पहुंच गए हैं। मंगल ने भी राशि छोड़ दी है। 20 मई को गुरू भी अपनी उच्च राशि कर्क में पहुंच रहे हैं। जिसके बाद ग्रहों की फेरबदल से बारिश के योग भी बनेंगे।

नौपता 2026 कब से हैं (when nautapa start)

इस साल नौतपा की शुरुआत 25 मई सोमवार को ज्येष्ठ माह पक्ष (Jyeshtha Month) की नवमीं तिथि से हो रही है। ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार इनकी समाप्ति (Navtapa End 20264) 3 जून को होगी। इस दौरान सूर्य भीषण आग बरसाएंगे।

नौतपा का वैज्ञानिक तथ्य (Nautapa Scientific Reason)

जिस तरह जेष्ठ के महीने में नौतपा (Nautapa 2026 Fact) शुरू होने का एक धार्मिक कारण है उसी तरह नौतपा का विज्ञान से भी संबंध है। मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच दूरी सबसे कम हो जाती है और इससे धूप और तेज हो जाती है।

वैज्ञानिक कारणों की बात करें तो जब सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। तो इस बीच तापमान सबसे ज्यादा होता है। जब गर्मी ज्यादा होती है तो मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने लगता है। फिर यही क्षेत्र समुद्र की लहरों को आकर्षित करता है।

इससे ठंडी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ती हैं, चूंकि समुद्र को उच्च दबाव वाला क्षेत्र माना जाता है, इसलिए हवाओं का रुख से अच्छी बारिश का अंदाजा लगाया जाता है।

नौतपा का धार्मिक महत्व

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार जब रोहिणी नक्षत्र में सूर्य (Rohini Nakshatra me Surya ka Pravesh) प्रवेश करता है तो इस दौरान जो स्थिति निर्मित होती है उसे नौतपा कहते हैं। आपको बता दें ये हर साल 25 मई से ही शुरू (25 May se kyon shuru hote hain nautapa) होते हैं। बस इनका समय बदल जाता है।

नौतपा की तारीख और समय (Nautapa Date Time)

इस साल नौतपा 25 मई की रात 9 बजकर 21 मिनट बजे से हो रहे हैं। वो इसलिए क्योंकि इस समय सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसी समय से नौतपा शुरू हो जाएंगे। चूंकि इसका नाम नौतपा कर दिया है। इसलिए ये नौदिन ज्यादा तपते हैं। सूर्य एक नक्षत्र में 15 दिन रहता है। रोहिणी के बाद ये मृगशिरा में 9 जून को रात में 9 बजे पहुंच जाएंगे। आपको बता दें इस नक्षत्र को मृगशीतला भी कहते हैं।

 

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