Saturday, September 5, 2026

यहां नामी यूनिवर्सिटी पर पिता के गम्भीर आरोप_कहा सुसाइड नहीं रैगिंग ने ली बेटी की जान

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भोंपूराम खबरी। उत्तराखण्ड में भीमताल की एक निजी यूनिवर्सिटी में छात्रा की आत्महत्या मामले में पिता के लापरवाही के आरोपों के साथ ही स्कूल का पक्ष भी सामने आया है। प्रबंधन ने कहा कि वो जांच में सहयोग कर रहे हैं और पुलिस को छात्रा के मोबाइल से कुछ जानकारियां मिली है। प्रबंधन ने रैगिंग के आरोपों से इनकार किया है।

बुधवार को भीमताल की एक निजी यूनिवर्सिटी में लखनऊ निवासी बी.सी.ए. द्वितीय वर्ष की 18 वर्षीय छात्रा वसावी तोमर का शव छत से लटका मिला। छात्रा को एम्बुलेंस से भवाली के सी.एच.सी.सेंटर लाया गया जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

शुक्रवार को वसावी के पिता राम सिंह तोमर ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वसावी हंसमुख थी जो ऐसा कदम नहीं उठा सकती थी। कहा कि, कॉलेज प्रबंधन ने उनका साथ नहीं दिया है जबकी वसावी ने उन्हें रैगिंग के बारे में जानकारी दी थी। बेटी ने उन्हें इसका वीडियो भी भेजा है। उन्होंने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने साथ नहीं दिया और अन्य छात्राओं व लोगों से नहीं मिलने दिया।

यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर प्रो.एन.के.नायर के अनुसार, उन्होंने पुलिस का सहयोग किया है। पुलिस को जांच में कुछ सामान और मोबाइल में कुछ महत्वपूर्ण डाटा मील हैं जिसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद होगा। कहा कि यूनिवर्सिटी में रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस है और किसी भी इंस्टिट्यूट में रैगिंग फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट के साथ होती है। उन्होंने ये भी बताया कि फॉरेंसिक टीम साक्ष्य ले गई है और इसपर कुछ भी कहना जांच को प्रभावित करना होगा।

इसके साथ ही एस.पी.क्राइम जगदीश चंद्र ने कहा कि यूनिवर्सिटी के स्टाफ ने उपचार की दृष्टि से छात्रा को फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया। शव का पोस्टमार्टम कर कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। कहा कि सुसाइड नोट तो नहीं मिला, लेकिन मोबाइल के मैसेजों से काफी हद तक आत्महत्या के कारण साफ हुए है।

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