भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। डंपरों से कथित अवैध वसूली को लेकर पहले से विवादों में घिरे एक निष्कासित भाजपा नेता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्व में सामने आए मामले की जांच अभी चल ही रही है कि अब एक और डंपर स्वामी ने उसी नेता पर हर माह रुपये वसूलने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की तहरीर पुलिस को सौंप दी गई है, जिस पर जांच शुरू कर दी गई है। ग्राम सरोवरनगर, गदरपुर निवासी वरीस अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसने परिवार के भरण-पोषण के लिए किस्तों पर एक पुराना डंपर खरीदा था। वह रेत-बजरी ढुलाई का कार्य कर अपने परिवार का गुजारा करता है। आरोप है कि करीब तीन वर्ष पूर्व उसकी मुलाकात इंदिरा कॉलोनी निवासी एक युवक से हुई, जो स्वयं को भाजपा अनुसूचित मोर्चा का पदाधिकारी बताता था।
पीड़ित का आरोप है कि युवक ने उसे भरोसा दिलाया कि यदि वह प्रतिमाह 35 हजार रुपये देगा तो बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, गूलरभोज और किच्छा क्षेत्र में उसके वाहन को किसी प्रकार की प्रशासनिक या पुलिस कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, उसने यह भी दावा किया कि वाहन का नंबर पुलिस के पास रहेगा और चालान होने की स्थिति में भी वह वाहन को छुड़वा देगा। आरोप है कि युवक की बातों में आकर वह लंबे समय तक ऑनलाइन माध्यम से पैसे भेजता रहा। इतना ही नहीं, अपने भाई के वाहन से संबंधित भुगतान भी उसके माध्यम से करता रहा। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने यह तक कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो वाहनों को सीज करा दिया जाएगा। मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब 13 अप्रैल को दिनेशपुर पुलिस ने उसके डंपर का 49 हजार रुपये का चालान कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने इस संबंध में युवक से बातचीत की तो उसने और अधिक धनराशि की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर फिर से प्रतिमाह 35 हजार रुपये देने का दबाव बनाया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी डंपर संचालकों से कथित अवैध वसूली के आरोपों के चलते संबंधित भाजपा पदाधिकारी को पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है। अब दूसरा मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में एक बार फिर कथित वसूली नेटवर्क को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सीओ विभव सैनी ने बताया कि मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।




