Saturday, September 5, 2026

भारत का हर नागरिक 4.8 लाख रुपये का कर्जदार, आम आदमी को लगा बड़ा झटका

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी।भारत के हर भारतीय पर 4.8 लाख रुपये का कर्ज है। ताज्जुब है कि पिछले 2 साल में 23% यह कर्जा इतना बढ़ा है। इससे आम आदमी को बड़ा झटका लगा है। RBI की जून 2025 की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

भारत का हर नागरिक 4.8 लाख रुपये का कर्जदार, आम आदमी को लगा बड़ा झटका

आप सब पर कितना कर्ज?

हर भारतीय पर 4.8 लाख रुपये का कर्ज है। मार्च 2023 में यह कर्ज 3.9 लाख रुपये था। आप देख रहे हैं कि ये कितना ज्यादा बढ़ गया है। और इसके पीछे का कारण क्या है? बीते दो सालों में इसमें 23% की बढ़ोतरी हुई है। यानी अगर पिछले साल से इस साल तक हर एक भारतीय पर 90 हजार रुपये का कर्जा बढ़ गया है।

इस तरह से निकाली रिपोर्ट

लोग पहले से ज्यादा से उधार ले रहे हैं। लोग अब होम लोन, पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और अन्य रिटेल लोन भी ज्यादा से ज्यादा ले रहे हैं। आरबीआई रिपोर्ट के मुताबिक, ये खतरे वाली बात नहीं है। क्योंकि जो भी लोन ले रहा है ऐसा नहीं कि वो उसको चुका नहीं आ रहा है। अभी तक जो मामला सामने आया है वो बैलेंस है। लोगों को ज्यादा भरोसा है वो लोन ले पा रहे हैं और उसको चुका भी रहे हैं। वहीं, भारत की इकॉनामी पिछले करीब 10 साल में 105% बढ़ी है। बहुत तेजी से भारत की इकॉनामी ग्रोथ कर रही है। ये दूसरे देशों के मुकाबले बहुत ज्यादा है।

भारत पर बाहरी कर्ज

मार्च 2025 तक भारत पर बाहरी 736.3 बिलियन डॉलर का कर्जा है। भारत में अपनी अलग-अलग पॉलिसी दूसरी चीजों के लिए ये कर्जा लिया है। साफ शब्दों में बताएं तो देश अन्य देशों से कर्जा लेता है। इन पैसों को वो अपने देश के विकास में लगाता है। ये जो भारत पर कर्ज है ये GDP का 19.1% है। आपको पता है कि विपक्ष हर बार सरकार को घेरती है कि हमारी इकॉनामी क्या हो रहा है। ये आकड़ों में भी दिखता है। वहीं अब पहले से ज्यादा लोन लिया जा रहा है। लोन लेना पहले से ज्यादा आसान भी हो गया है। इस वह कर्ज का बोझ भी बढ़ रहा है।

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.