Saturday, September 5, 2026

जन्म से ही बेटियों का सशक्तिकरण जरूरी : रेखा आर्या

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भोंपूराम खबरी,देहरादून। शनिवार को मुख्यमंत्री और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री ने पूरे प्रदेश के सभी जिलों से आई 2024 और 2025 की बोर्ड परीक्षाओं में अव्वल रही 326 मेधावी बालिकाओं को पुरस्कार स्वरूप मोबाइल फोन भेंट किया। मुख्य सेवक सदन, गढ़ी कैंट में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन किया गया।

जन्म से ही बेटियों का सशक्तिकरण जरूरी : रेखा आर्या

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि साल 2013 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत अब तक प्रदेश की कुल 2029 मेधावी बालिकाएं तकनीकी रूप से सशक्त बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बालिकाओं, महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास में जुटी है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के उस विचार का उल्लेख किया, जिसमें समाज की प्रगति को महिलाओं की प्रगति से मापने पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बेटियों के सशक्तिकरण और आर्थिक आजादी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश की बेटियों को चुनौतियों का सामना करते हुए खुद अपने रास्ते गढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी बालिकाओं को रोटी कपड़ा और मकान जैसी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनना होगा।

 

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में लैंगिक असमानता की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण की व्यवस्था कर उनके लिए अवसर बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू करके हर महिला को बराबरी का अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

 

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, राज्य मंत्री प्रताप सिंह पवार, उपनिदेशक विक्रम सिंह, परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे

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