

भोंपूराम खबरी,जसपुर। बीमारी के चलते मंगलवार को 10 साल के एक नर हाथी की मौत हो गई। नैनीताल जू से आये डॉक्टर ने चार घंटे तक उसका इलाज भी किया था। बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।

सुबह सात बजे हाथी ग्राम कृपाचार्यपुर में फीका नदी पारकर दर्शन सिंह के खेत में घुस आया। वह थोड़ी दूर चलकर गिर गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना विधायक आदेश चौहान को दी। विधायक मौके पर पहुंचे और हाथी को देखा। विधायक ने तुरंत डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य को बताया। करीब साढ़े दस बजे रेंजर धर्मानंद सुनाल, एसडीओ संदीप गिरी, पशु चिकित्सक जसपुर डॉ. सुधांशु मिश्रा, डॉ. योगेश शर्मा पहुंचे। उन्होंने हाथी को धूप से बचाने को उसपर छाया का इंतजाम किया। उन्होंने हाथी को पानी पिलाने का प्रयास किया लेकिन उसने पानी नहीं पिया । वन अफसरों ने हाथी के इलाज को
नैनीताल जू के डॉ. हिमांशु पांगती को बताया। दोपहर सवा बजे डॉ. पांगती ने इलाज शुरू किया। शाम पांच बजे उपचार के दौरान हाथी ने दम तोड़ दिया । डा. हिमांशु ने बताया कि हाथी काफी समय से बीमार था और कुछ खा पी नहीं रहा था। वन क्षेत्राधिकारी धर्मानंद सुनाल ने बताया कि हाथी की मौत कैसे हुई इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट में होगा। हालांकि इससे पहले एक व्यक्ति को हाथी ने दौड़ाया था।
छह घंटे बाद शुरू हुआ इलाज: हाथी के खेत में गिरने के बाद उसका सही से इलाज छह घंटे बाद शुरू हुआ। नैनीताल जूं से डाक्टर को आने में छह घंटे लग गये। करीब सवा बजे हाथी का इलाज शुरू किया।
जंगल से आबादी में पहुंचा हाथी
वही बाजपुर में भी जंगल से भटककर आबादी में पहुंचे हाथी के बच्चे को वन विभाग की टीम ने मंगलवार को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। हाथी के बच्चे के गांव में पहुंचने पर लोग बड़ी संख्या में उसे देखने पहुंच गए। जिससे बच्चा डर गया। मंगलवार की सुबह ग्राम बन्नाखेड़ा सानी संतोषपुर मैं हाथी का एक बच्चा भटककर आबादी में पहुंच गया। लोगों ने जब हाथी के बच्चे को गांव में देखा तो शोर मचा दिया। देखते ही देखते गांव में लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने इसकी सूचना बरहैनी वन चौकी में दी। वन क्षेत्राधिकारी गोपाल कृष्ण कपिल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गांव रणपुरी में हाथी के बच्चे का सफल रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा।