Saturday, September 5, 2026

गुरू जस की महिमा का वर्णन करती प्रभात फेरियों में उमड़े श्रद्धालु

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भोंपूराम खबरी। रूद्रपुर/लालपुर क्षेत्र के विभिन्न गुरुद्वारों से प्रातः काल अमृत बेला में गुरूजस की महिमा का वर्णन करती प्रभात फेरियों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हो रहे है। आज इन्द्रा कालोनी के माता गुजरी देवी गुरूद्वारे से प्रारंभ प्रभात फेरी का स्थानीय पार्षद इन्द्रजीत सिंह नें अपने निवास स्थान पर सपरिवार एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित भव्य स्वागत किया। कीर्तन के बाद सभी संगत को लंगर प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान समाजसेवी सुशील गाबा, गुरविन्दर सिंह, हरविन्दर सिंह, बलजीत सिंह, गौरव गांधी, नरेश घई, डिंपी चोपड़ा, मनोज बठला, राजकुमार सीकरी, लखविन्दर सिंह, दीदार सिंह, हरबंस ठुकराल, शिवम शर्मा, आदि सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

 

इधर लालपुर में महेन्द्र सिंह गाबा, बलजीत सिंह गाबा, एवं गुरमीत सिंह गाबा नें सपरिवार गुरुद्वारा श्री गुरूसिंह सभा रूद्रपुर से पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाते हुए, और निशान साहिब लेकर पहुंची प्रभात फेरी का स्वागत किया। श्री गाबा के आफिस में कथावाचक रेशम सिंह द्वारा गुरू जी के जीवन से संबंधित कथाओं को संगत के सामने रखा गया व शबद कीर्तन का पाठ किया गया। अरदास के बाद संगत (भक्तों) को जल, चाय, मिठाई और लंगर (भोजन) सेवा दी गयी।

 

इस दौरान समाजसेवी सुरजीत सिंह ग्रोवर, समाजसेवी सुशील गाबा, गुरनूर सिंह, गुनरीत कौर, लखविन्दर सिंह पिंटू, राजकुमार मिगलानी, अजीत पाल सिंह, भजन सिंह, हरविन्दर चुघ, लक्की चुघ, गुरविन्दर गाबा, परविन्दर गाबा, नरेन्द्र छाबड़ा, सुनील खुराना, अमित छाबड़ा, लालपुर प्रबंधक कमेटी के भजन सिंह, दलजीत सिंह, बख्शीश सिंह, स्वर्ण सिंह, इकबाल सिंह परूथी, गुरूदयाल सिंह चीना, पप्पा भाई, राजकुमार गगनेजा, बंटी गाबा, गुरदीप कालड़ा आदि सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित थी।

 

दोनो ही प्रभात फेरियों में समाजसेवी सुशील गाबा नें शीश नवाया तथा प्रभात फेरियों का आयोजन करनें वाले पार्षद इन्द्रजीत सिंह एवं बलजीत सिंह गाबा को बधाई दी। श्री गाबा नें कहा कि गुरुद्वारों में प्रभात फेरी गुरुपर्व (खासकर गुरु नानक जयंती और गुरु गोबिंद सिंह जयंती) के मौके पर श्री निशान साहिब के ध्वज तले निकाली जाती है, ताकि तड़के सुबह गुरुओं की शिक्षाओं को घर-घर तक पहुँचाया जा सके, लोगों को अमृत वेला (सुबह का शुभ समय) में जगाया जा सके और गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जा सके। नववर्ष के शुभअवसर पर ऐसे आयोजनों से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह जीवन में होता है।

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