भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी (बी.सी. खंडूरी) का निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूरी ने देहरादून में अंतिम सांस ली।
बताया जा रहा है कि खंडूरी पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। हाल ही में भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई गई थी, जहां कई नेताओं ने उनसे मुलाकात कर हालचाल जाना था।
1 अक्टूबर 1934 को देहरादून में जन्मे खंडूरी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की और मेजर जनरल के पद तक पहुंचे। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हुए।
वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री दो बार रहे—पहली बार 2007 से 2009 तक और दूसरी बार 2011 से 2012 तक। इसके अलावा वे केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री भी रहे और गढ़वाल से सांसद भी चुने गए।
खंडूरी को साफ-सुथरी छवि और सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए जाना जाता था। उनके कार्यकाल में लोकायुक्त कानून और पारदर्शी शासन व्यवस्था को लेकर उठाए गए कदमों की काफी सराहना हुई थी।




