Friday, September 4, 2026

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान में छिपे 23 आतंकियों को किया आतंकवादी घोषित

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भोंपूराम खबरी,नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ अपनी Zero Tolerance Policy को और मजबूत करते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 आतंकियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया है। इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची (Fourth Schedule) में शामिल किए गए हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश आतंकी जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) और लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) से जुड़े हुए हैं। इनमें से कई पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय बताए गए हैं।

नगरोटा और सुंजवां हमले से जुड़े आरोपी भी सूची में

घोषित आतंकियों में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर जैसे नाम शामिल हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार इनका संबंध 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले और 2022 के जम्मू के सुंजवां आतंकी हमले जैसी घटनाओं से बताया गया है।

वहीं अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद को लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज मोहम्मद सईद का करीबी सहयोगी माना जाता है।

 

सोशल मीडिया के जरिए भर्ती और फंडिंग का आरोप

इस सूची में मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ मुहंदिस उर्फ जाकिर का नाम भी प्रमुख है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, उसके संबंध लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अल-कायदा और ISIS से जुड़े मॉड्यूल से रहे हैं।

उस पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने, आतंकी संगठनों में भर्ती कराने, हथियारों का प्रशिक्षण दिलाने, फर्जी पहचान तैयार करने, एन्क्रिप्टेड संचार का इस्तेमाल करने और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के आरोप हैं।

इन प्रमुख आतंकियों को किया गया घोषित

गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं—

 

मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की उर्फ मौलाना इमदाद (लश्कर-ए-तैयबा) – पाकिस्तान; कट्टरपंथी प्रचार, भर्ती और फंडिंग।

मौलाना सैफुल्लाह खालिद (लश्कर-ए-तैयबा) – पाकिस्तान; प्रशिक्षण, भर्ती और आतंकी साजिशों में भूमिका।

मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा (लश्कर-ए-तैयबा) – पाकिस्तान; घुसपैठ, हथियारों की आपूर्ति और आतंकी गतिविधियों का संचालन।

मोहम्मद आसिफ (लश्कर-ए-तैयबा) – पाकिस्तान; लॉजिस्टिक सपोर्ट, भर्ती और हथियार उपलब्ध कराना।

मुहम्मद सईद (लश्कर-ए-तैयबा) – पाकिस्तान; प्रशिक्षण, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई।

कारी याकूब शेख (लश्कर-ए-तैयबा) – लाहौर; भर्ती, प्रशिक्षण और हमलों की साजिश।

राणा इफ्तिखार (लश्कर-ए-तैयबा) – पाकिस्तान; घुसपैठ और प्रशिक्षण।

मोहम्मद यूसुफ अजहर (जैश-ए-मोहम्मद) – बहावलपुर; बड़े आतंकी हमलों की साजिश, भर्ती और प्रशिक्षण।

मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ मुहंदिस उर्फ जाकिर – रावलपिंडी; भर्ती, हथियार प्रशिक्षण, फंडिंग और आतंकी नेटवर्क का संचालन।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले आतंकियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि आतंकवाद को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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