भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का संघर्ष न केवल उनकी अदम्य भावना को दर्शाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए कैसे एकजुट हो सकती हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व दर्जा राज्य मंत्री डा गणेश उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार के वादों और कार्यों में स्पष्ट अंतर है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मातृशक्ति वंदन के नाम पर जुलूस निकालते हैं, पूरे भारतवर्ष में उत्तराखंड देवभूमि पर्वतीय राज्य में बलात्कार के मामले में प्रथम नंबर पर है । महिलाओं के बारे भाजपा महिलाओं की बहुत बड़ी हितैषी होने का ढोंग रच रही है , इसका प्रत्यक्ष प्रमाण विगत एक माह से ऊपर हो चुके हैं आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताये इस तपती धूप में धरने पर बैठी है अभी तक ना तो उत्तराखंड शासन व मुख्यमंत्री ने इनकी सुध भी नहीं लीे है। क्या वजह है आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। यह आंदोलन उत्तराखंड की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है, जो उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा करने और सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। अब समय आ गया है कि महिलाएं अपने अधिकारों की रक्षा करें और भाजपा सरकार को आने वाले विधानसभा 2027 में जवाब दें।




