भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड के देहरादून जनपद की त्यूणी तहसील में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सावड़ा-कुड्डू जलविद्युत परियोजना से अचानक छोड़े गए पानी के कारण पब्बर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिसकी चपेट में आकर ढाई वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और परियोजना प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर नरनाडपानी क्षेत्र के पास कुछ बच्चे पब्बर नदी के किनारे खेल रहे थे। इसी दौरान सावड़ा-कुड्डू जलविद्युत परियोजना से नदी में पानी छोड़ा गया, जिससे जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण मासूम मरसिका नदी में बह गई।
पुलिस और ग्रामीणों ने नदी किनारे व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी मशक्कत के बाद मासूम का शव नदी से बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पंचनामा भरकर शव परिवार को सौंप दिया गया।
चेतावनी सायरन पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सावड़ा-कुड्डू परियोजना की चेतावनी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पानी छोड़े जाने से पहले यदि प्रभावी तरीके से सायरन बजाया गया होता या लोगों को सतर्क किया गया होता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जाएगा कि पानी छोड़े जाने से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, चेतावनी सायरन प्रणाली को प्रभावी बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




