भोंपूराम खबरी,खटीमा | मेलाघाट गांव में तीन बंदरों ने मंगलवार को दम तोड़ दिया जबकि 3 की एक सप्ताह में मौत हुई है। एक जख्मी बंदर का उपचार पशुधन अधिकारी फय्याज अली अंसारी ने किया है। एसडीओ संचिता वर्मा ने बताया कि बंदरों के शव सुरक्षित रख लिए हैं। आज वेटरनरी की टीम पोस्टमार्टम करेगी तभी पता चल पाएगी कि बंदरों की मौत का कारण क्या है।
मेलाघाट व्यापार मंडल अध्यक्ष अनमोल वर्मा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि एक सप्ताह से गांव के आसपास खेतों और मकान के आसपास बंदर मरे दिख रहे हैं। मंगलवार को 3 बंदर मृत व एक बंदर मूर्छित अवस्था में मिला। तब उन्होंने इसकी जानकारी वन विभाग को दी।
वर्मा ने बताया कि उन्हें कई बंदर मरने की आशंका है। जो जीवित हैं वह भी मरने के कगार पर हैं। किसी बंदर के मुंह और नाक से खून आ रहा है। कोई लंगड़ा के गिर रहा है। आखिर पता चलना चाहिए कि बंदर क्यों मर रहे हैं। बीमारी अगर है तो क्या बीमारी है, ठंड तो अभी इतनी पड़ी नहीं है। आखिर क्या कारण हैं बंदर मर रहे हैं। जब तक पता नहीं चलता तब तक अन्य बंदरों की जान को भी खतरा है।
एसडीओ संचिता वर्मा ने बताया कि जिस तरह बंदरों की नाक से खून निकल रहा है। उससे यह भी संभावना है कि बंदरों में आपसी संघर्ष हुआ हो । बंदरों में भी एक सिस्टम होता है, जिसमें वह एक अलग-अलग झुंड में रहते हैं। और उनमें उनका एक मुखिया भी होता है। हो सकता है वह आपस में भिड़े हों। फिलहाल टीम ने जमीन के सैंपल, फसलों के सैंपल जांच के लिए एकत्रित कर लिए हैं।
पशुधन प्रसार अधिकारी अंसारी ने बताया कि हो सकता है यह केमिकल पॉइजनिंग का मामला हो। फसलों में किए गए कीटनाशक के उपयोग से बंदर की मौत हो रही हो ।




