भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ गणेश उपाध्याय ने प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में कहा है कि किच्छा शुगर कंपनी में वर्तमान पेराई सत्र में 9.56 लाख कुंतल पेराई हो चुकी है। वर्तमान में किच्छा में किसानों के गन्ना पेराई का कुल 20.65 लाख रु० का भुगतान हो चुका है। किच्छा चीनी मिल के किसानों का 15 करोड़ रू० का भुगतान लंबित पड़ा है। बाजपुर शुगर फैक्ट्री में आज तक नौ लाख क्विंटल गन्ने की पैराई हो चुकी है जबकि रिकवरी 9.3 चल रही है ।
यह शुगर फैक्ट्री 22 नवंबर को प्रारंभ हो चुकी थी ,अभी तक लगभग 30 करोड़ रू भुगतान किसानों का नहीं हो पाया हैं। संपूर्ण उत्तराखंड में 9.60 लाख कुंतल चीनी उत्पादन वर्तमान में हो चुका है।उत्तराखंड में किसानों के गन्ने का 2.374 अरब रु० का भुगतान वर्तमान में हो चुका है। जबकि वर्तमान में 1.831 लाख रु० का भुगतान किसानों का बकाया व लम्बित है। संपूर्ण उत्तराखंड में कुल आठ चीनी मिले हैं जिनमें बाजपुर और नादेही सहकारी चीनी मिलें हैं। डोईवाला, किच्छा कार्पोरेशन चीनी मिले हैं। जबकि सितारगंज, लिबरेडी, इकबालपुर, लक्सर निजी चीनी मिले हैं। जिसमें बाजपुर चीनी मिल का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। जिससे किसानों में भारी रोष है। विगत कई वर्षों से काशीपुर चीनी मिल का 24 करोड़ रु० का भुगतान अभी तक लंबित पड़ा है। वहीं इकबालपुर निजी चीनी मिल का 1.13 अरब रुपए का भुगतान लंबित है।।उत्तराखंड में गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) अभी घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में गन्ने का भुगतान पेराई सत्र 2023-24 के अनुसार ही हो रहा है।




