Saturday, September 5, 2026

ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों के प्रशासक नियुक्ति संबंधी शासन का नया आदेश

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भोंपूराम खबरी। उत्तराखण्ड राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों में कार्यकाल की समाप्ति के बाद प्रशासक नियुक्ति संबंधी शासन का नया आदेश जारी किया गया है। शासन द्वारा दिनांक 26.11.2024 को जारी अधिसूचना के अनुसार, उत्तराखण्ड राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल समाप्ति की तिथि 27.11.2024 से छः माह से अधिक अवधि के लिए अथवा नई ग्राम पंचायतों के गठन अथवा अग्रिम आदेशों तक, जो भी पहले हो, निवर्तमान प्रधान को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। संबंधित जनपद के जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट को इस नियुक्ति हेतु प्राधिकृत किया गया है।

इसके अतिरिक्त, राज्य की समस्त क्षेत्र पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में भी कार्यकाल की समाप्ति 27.11.2024 से छः माह से अधिक अवधि के लिए अथवा नई क्षेत्र पंचायतों के गठन तक अथवा अग्रिम आदेशों तक, जो भी पहले हो, निवर्तमान प्रमुख को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने हेतु संबंधित जिलाधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है।

नियुक्त प्रशासक को संबंधित ग्राम पंचायत या क्षेत्र पंचायत का कार्यभार तत्काल प्रभाव से ग्रहण करना होगा। यह निर्णय शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त लिया गया है और इसके तहत जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट को प्रशासक नियुक्ति की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

आदेश —-

 

शासन की अधिसूचना संख्या-256316/XII (1)/2024-86(15)/2013/ ई-68985, दिनांक 26.11.2024 के द्वारा उत्तराखण्ड राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल की समाप्ति (दिनांक 27.11.2024) पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से छः मास से अनधिक अवधि के लिए अथवा नई ग्राम पंचायतों के गठन तक जो भी पहले हो, प्रशासक के रूप में सम्बन्धित जनपद के विकास खण्ड के सहायक विकास अधिकारी (पं०) को नियुक्त करने हेतु सम्बन्धित जिलाधिकारियों को प्राधिकृ त किया गया था।

 

– उपरोक्त प्रकरण में शासन द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त लिये गये निर्णय के कम में उक्त अधिसूचना दिनांक 26.11.2024 को अतिक्रमित करते हुए उत्तराखण्ड राज्य की समस्त गठित ग्राम पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल की समाप्ति (दिनांक 27.11.2024) से छः मास से अनधिक अवधि के लिए अथवा नई ग्राम पंचायतों के गठन अथवा अग्रिम आदेशों तक, जो भी पहले हो, प्रशासक के रूप में सम्बन्धित जनपद की ग्राम पंचायत के निवर्तमान प्रधान को नियुक्त करने हेतु संबंधित जनपद के जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट को प्राधिकृत किया जाता है।जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त प्रशासक द्वारा संबंधित ग्राम पंचायत के प्रशासक का कार्यभार तत्काल प्रभाव से ग्रहण किया जायेगा।

इस प्रकार नियुक्त किये गये प्रशासकों द्वारा सामान्य रूटीन कार्यों का निर्वहन किया जायेगा तथा नीतिगत निर्णय नहीं लिये जायेंगे। विशेष परिस्थिति में यदि कोई नीतिगत निर्णय लिया जाना आवश्यक हो, तो प्रकरण उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 (यथासंशोधित 2021) की धारा 20 में निहित प्राविधानानुसार यथाप्रकिया ग्राम पंचायत के लिये नियत प्राधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, के माध्यम से जिलाधिकारी/ जिला मजिस्ट्रेट को सन्दर्भित किया जायेगा तथा जिलाधिकारी / जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

 

शासन की अधिसूचना संख्या-256318/XII (1)/2024-86(15)/2013/ई-68985, दिनांक 26.11.2024 के द्वारा उत्तराखण्ड राज्य की समस्त क्षेत्र पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल की समाप्ति (दिनांक 27.11.2024) पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से छः मास से अनधिक अवधि के लिए अथवा नई क्षेत्र पंचायतों के गठन तक, जो भी पहले हो प्रशासक के रूप में सम्बन्धित जनपद के उप जिलाधिकारियों को नियुक्त करने हेतु सम्बन्धित जिलाधिकारियों को प्राधिकृत किया गया था।उपरोक्त प्रकरण में शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त लिये गये निर्णय के कम में उक्त अधिसूचना दिनांक 26.11.2024 को अतिक्रमित करते हुए उत्तराखण्ड राज्य की समस्त गठित क्षेत्र पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल की समाप्ति (दिनांक 27.11.2024) से छः मास से अनधिक अवधि के लिए अथवा नई क्षेत्र पंचायतों के गठन तक अथवा अग्रिम आदेशों तक, जो भी पहले हो, प्रशासक के रूप में सम्बन्धित जनपद की क्षेत्र पंचायत के निवर्तमान प्रमुख को नियुक्त करने हेतु संबंधित जनपद के जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट को प्राधिकृत किया जाता है।-

जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त प्रशासक द्वारा संबंधित क्षेत्र पंचायत के प्रशासक का कार्यभार तत्काल प्रभाव से ग्रहण किया जायेगा। इस प्रकार नियुक्त किये गये प्रशासकों द्वारा सामान्य रूटीन कार्यों का निर्वहन किया जायेगा तथा नीतिगत निर्णय नहीं लिये जायेंगे।

विशेष परिस्थिति में यदि कोई नीतिगत निर्णय लिया जाना आवश्यक हो, तो प्रकरण उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 (यथासंशोधित 2021) की धारा 65 में निहित प्राविधानानुसार यथाप्रक्रिया क्षेत्र पंचायत के लिये नियत प्राधिकारी जिला मजिस्ट्रेट को सन्दर्भित किया जायेगा तथा जिलाधिकारी / जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।- उक्त आदेश तत्काल प्रभाव/आदेश निर्गत होने की तिथि से लागू माना जायेगा।

 

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