भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। मुख्य रामलीला मंे विगत रात्रि खर-दूषण की खरमस्तियां, स्वरूपनखा नकटी, खर-दूषण वध, सरूपनखा का रावण दरबार पहुंचना, रावण का सीता हरण करनें का फैसला लेना, रावण-मारीच संवाद, मारीच का स्वर्ण मर्ग बनकर पंचवटी पहुंचना, लक्ष्मण रेखा, सीता हरण व रावण द्वारा जटायु को घायल करनें तक की लीला का का मंचन हुआ।

विगत रात्रि की रामलीला का उद्घाटन मुख्य अतिथि कात्यायनी मेडिकल सेंटर के डा0 अजय अरोरा एवं उनकी धर्मपत्नी भारत पैथ लैब की प्रमुख डा0 उपासना अरोरा नें दीप प्रज्जवलित कर किया। रामलीला कमेटी ने सभी अतिथिगणो को माल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मनित किया।

आज के पहले दृश्य में रावण की बहन स्वरूपनखा घूमते फिरते पंचवटी में पहुंचती है, जहां राम, सीता और लक्ष्मण ठहरें हैं। स्वरूपनखा सुंदर राजकुमारों को देखकर मोहित हो जाती है। वह दोनों राजकुमारों को बारी -बारी से रिझ्ाानें का प्रयास करती है, लेकिन असफल रहती है। खीझ्ाकर वह सीता पर हमलावर हो जाती है, तब राम के आदेश पर लक्ष्मण सजा स्वरूप उसके नाक कान काट देते है। स्वरूपनखा जंगलों में ही रहनें वाले अपने भाई खर एवं दूषण के पास पहंुचती है। दोनों भाई अपनी सेना सहित राम से युद्ध करनें के लिये पहुंच जाते है, लेकिन राम एक ही बाण में दोनों को यमलोक पहुंचा देते है।

स्वरूपनखा अब लंका पहुंच जाती है और रावण से बदला लेनें की गुहार लगाती है। रावण बदला लेनें का ऐलान करता है।
रात्रि में शयन करते समय उसे स्वप्न में आभास हो जाता है कि सीताजी तो साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं। रावण की निद्रा टूट जाती है। वह तय करता है कि सीता का हरण किया जायेगा। यदि सीता वास्तव में लक्ष्मी है तो उसे मुक्ति मिल जायेगी। रावण बलशाली होनें के साथ ही बुद्धिमान भी होता है। इसलिये वह अपने साथ मारीच को मिलाने की सोचता है। मारीच लाख मना करता है लेकिन रावण की शमशीर के भय से हामी भर देता है।

मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी पहंुचता है। सीता राम से स्वर्ण मृग को पकड़कर लानें की जिद करती है। राम उसे पकड़नें दौड़ते है लेकिन चपल मृग बना मारीच घने जंगलों में भागता चला जाता है । वह हाय लक्ष्मण बचाओ की आवाज लगाता है। सीता लक्ष्मण को राम के पीछे जानें की गुहार करती है। लक्ष्मण के लाख मना करनें के बावजूद सीताजी नहीं मानती। सीताजी की उलाहना से तंग आकर लक्ष्मण एक रेखा खींचकर सीता को उसके भीतर रहनें की हिदायत देकर वनों में चला जाते है।
लक्ष्मण के जाते ही रावण साधू रूप धरकर पंचवटी पहुंचता है। लक्ष्मण रेखा को पार करनें का प्रयास करते ही रेखा की अग्नि रावण को चेताती है। रावण बाहर आसन जमा लेता है और राम को श्राप देंनें की धमकी देकर सीता को डरा देता है। भयभीत सीता के बाहर आते ही रावण अपनें असली रूप में आ जाता है और सीता को हर कर ले जाता है।
जटायु जब उसे रोकनें की कोशिश करता है तब रावण उसे भी गंभीर रूप से घायल कर देता है।
आज गणेश भगवान की भूमिका में आशीष ग्रोवर, राम की भूमिका में मनोज अरोरा, सीता की भूमिका में दीपक अग्रवाल, लक्ष्मण की भूमिका में राजकुमार कक्कड़, रावण की भूमिका में विशाल भुड्डी, सूर्पनखा की भूमिका में सचिन मंुजाल, खर- मनेाज मुंजाल, दूशण- गर्वित मुंजाल, मारीच की भूमिका में मोहन लाल भुड्डी, विभीषण सचिन आनन्द, मेघनाद- वैभव भुड्डी, जटायु की भूमिका में गोला ईदरीसी नें शानदार अभिनय कर उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया। संचालन मंच सचिव विजय जग्गा व संदीप धीर नें किया।
इस दौरान श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष पवन अग्रवाल, महामंत्री विजय अरोरा, कोशाध्यक्ष अमित गंभीर, समन्वयक नरेश शर्मा, अमित अरोरा बोबी, राजेष छाबड़ा, जगदीश टंडन, अशोक गुम्बर, राजकुमार खानिजों, महावीर आजाद, राकेश सुखीजा, कर्मचन्द राजदेव, हरीश अरोरा, सुभाष खंडेलवाल, गौरव तनेजा, सुरेष बब्बर, सुशील गाबा, प्रेम खुराना, संजीव आनन्द, आशीष ग्रोवर आषू, हरीश सुखीजा, गौरव राज बेहड़, सौरभ राज बेहड़, विजय विरमानी, मनोज गाबा, अमित चावला, आषीश मिड्ढा, सुभाश तनेजा, पुलकित बांबा, सुमित आनन्द, वैभव भुड्डी, राजेष पप्पल, रोहित नागपाल, अमन गुम्बर, सन्नी आहूजा अमित वर्मा, कपिश सुखीजा, बिट्टू ग्रोवर, रवि अरोरा, चिराग कालड़ा, रोहित जग्गा, सचिन तनेजा, वैभव ग्रोवर, अषोक भल्ला, बल्लू घीक, अभिशेक खेड़ा, विजय चिलाना, आषू गंभीर, पारस अरोरा, समप्रीत ग्रोवर, आलोक कालड़ा, सचिन गुम्बर, आदि उपस्थित थे।
बाक्स 001- आज राम – हनुमान महामिलन के दृष्य हेतु है विशेष तैयारियां
श्रीराम लीला में आज प्रभु रामचन्द्र जी व उनके अनादि भक्त हनुमान के महामिलन का सुंदर दृश्य दिखाया जायेगा। आज सीताजी की खोज, राम शबरी संवाद, राम-हनुमान महामिलन, हनुमान का राम लक्ष्मण को कंधे पर बैठाकर श्रष्यमुख पर्वत पर ले जाना, राम सुग्रीव मित्रता, सुग्रीव बाली युद्ध तथा बाली वध तक की लीला का सुंदर मंचन दिखाया जायेगा। राम जी के पात्र की भूमिका में अनुभवी कलाकार मनोज अरोरा तथा हनुमान जी की भूमिका में अयोध्या तक पैदल यात्रा कर चुके सुप्रसिद्ध रामभक्त सुशील गाबा पर्दे पर आयेंगें। यह दृश्य देखनें दूर-दूर से रामभक्त आते हैं। इस वर्श भी आज की लीला हेतु कमेटी द्वारा विशेष व्यवस्था की गयी है। श्री हनुमान चालीसा के मंचन के वक्त श्री हनुमान चालीसा भी वितरित किया जायेगा।
002- पिता – पुत्र की दो जोड़ियों नें बिखेरा जलवा
श्रीरामलीला मंचन में आज मोहन लाल भुड्डी एवं विशाल भुड्डी की जोड़ी नें रावण मारीच संवाद में शानदार जुगलबंदी पेश की। दोनों वरिष्ठ कलाकारों नें अपनी विषिश्ट अभिनय षैली में अदा किये गये संवादों से जमकर तालियां बटोरी। अनेकों बार एकसाथ अभिनय कर चुकी इस जोड़ी नें हर संवाद को बहुत सधे हुये अभिनय के साथ प्रस्तुत किया। दूसरी जोड़ी खर – दूशण में मनोज मुंजाल एवं उनके पुत्र गर्वित मुंजाल की थी। दोनों पात्रों का अभिनय करते हुये की गयी खरमस्तियों के दृष्य को जनता के बहुत सराहा। दोनों ही पिता पुत्र को एक साथ खरमस्तियां करते एवं राम के साथ युद्ध करते देख लोगों को लगा ही नहीं कि यह दोनों पिता पुत्र है। मंच संचालक के दृष्य के बात विवरण देते समय जनता को यह बात पता लगी।
003- डायरेक्टर आशीष ग्रोवर आशु का है व्यवस्था बनानें में बड़ा योगदान
श्रीरामलीला के डायरेक्टर आशीष ग्रोवर आशु पात्रों की वेशभूषा, सामान सहित श्री गणेश वंदना से लेकर पर्दा गिरनें के बाद तक की व्यवस्थाओं के प्रमुख सूत्रधार हैं। श्री रामलीला प्रारम्भ होनें से एक माह पहले से ही मंच पर आकर व्यवस्थायें प्रारम्भ करनें, पात्रों हेतु कलाकारों के चयन, कलाकारों की रिहर्सल से लेकर वेषभूशा का कमरा खुलवाकर पुरानी ड्रैसों की मरम्मत करानें एवं दिल्ली जाकर नयी ड्रैस व सामान लानें, कमेटी के समन्यवय बनाकर लीला से संबधित समस्त योजना बनानें की जिम्मेदारी आशु ग्रोवर के कंधों पर होती है। आशु की अथक मेहनत के कारण पूरी कमेटी एवं नाटक क्लब के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य उनका पूर्ण सम्मान करते हुये उनकी बातों को गंभीरतापूर्वक मानते हैं।




