Friday, September 4, 2026

Fake Registry Scam: उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में ED का छापा, टीम ने हिरासत में लिए दो बिल्डर

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भोंपूराम खबरी। जुलाई 2022 में देहरादून फर्जी रजिस्ट्री घोटाला सामने आया था। इस मामले में पुलिस 18 मुकदमे दर्ज कर चुकी है।

राजधानी के चर्चित रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में 18 से ज्यादा जगह पर छापे मारे। इनमें देहरादून के आरोपी अधिवक्ताओं के घर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ईडी ने दो बिल्डरों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उनसे ईडी कार्यालय में पूछताछ चल रही है। ईडी की यह कार्रवाई कुछ दिन और जारी रह सकती है।

पिछले साल जुलाई में जिलाधिकारी की जनसुनवाई के दौरान आए एक मामले में रजिस्ट्री फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। प्रशासन के स्तर पर जांच हुई तो पता चला कि यहां बड़ी-बड़ी जमीनों के पुराने दस्तावेजों को बदलकर जालसाजी की गई है। वर्षों से जिन जमीनों पर कोई काबिज नहीं था, अचानक से उन जमीनों की खरीद फरोख्त होने लगी। जांच में पता चला कि इन जमीनों में ज्यादातर के रिकॉर्ड सहारनपुर में रखे हुए थे। जबकि, कुछ के देहरादून सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में थे। इनके दस्तावेजों पर पुरानी लिखाई मिटाकर नए विक्रय पत्र तैयार कर दिए गए। तत्कालीन एआईजी स्टांप की शिकायत पर कोतवाली शहर में पहला मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद दो स्तर पर (प्रशासन और पुलिस) एसआईटी का गठन कर दिया गया।
पुलिस ने प्रशासन की जांच पर एक के बाद एक 13 मुकदमे दर्ज किए। इनमें देहरादून में नामी अधिवक्ताओं के नाम भी सामने आए। अधिवक्ता कमल विरमानी एक साल से अधिक समय से जेल में बंद है। गत जनवरी में पुलिस की ओर से इस मामले में ईडी को जांच के लिए लिखा गया था। अब इस मामले में ईडी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने आरोपी अधिवक्ताओं के घर व अन्य आरोपियों के ठिकानों से बहुत से दस्तावेज बरामद किए हैं। ईडी के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार जिन दो बिल्डरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, उनके नाम पुलिस जांच में सामने नहीं आए थे, लेकिन माना जा रहा है कि इन बिल्डरों का इस केस से गहरा ताल्लुक है।

पांच राज्यों के थे आरोपी, सूत्रधार केपी सिंह की हो चुकी है मौत
इस मामले में सबसे पहले एक अधिवक्ता इमरान की गिरफ्तारी हुई थी। उससे पूछताछ में पता चला कि मामले का सूत्रधार सहारनपुर का रहने वाला केपी सिंह है। केपी सिंह की सहारनपुर जिला जेल में तबीयत खराब होने से मौत हो गई थी। पूरे प्रकरण में करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें राजस्व के नामी अधिवक्ता कमल विरमानी का नाम भी शामिल है। जबकि, दो आरोपी आसाम, दो पंजाब, हरियाणा का रोहिताश, सहारनपुर का छोटा पंडित व मक्खन सिंह शामिल हैं। इन सभी के ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा है। सहारनपुर में केपी सिंह के मकान पर भी ईडी पहुंची थी।

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