Friday, September 4, 2026

जानें कौन हैं डीएम वंदना, आज क्यों सोशल मीडिया में हो रहीं ट्रेंड

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भोंपूराम खबरी। नैनीताल डीएम वंदना हल्द्वानी हिंसा को लेकर आज सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्रेंड पर आ गई हैं। हिंसा पर काबू पाने के लिए आईएएस वंदना की कार्यप्रणाली की खूब सराहना हो रही है। वहीं, धर्मस्थल तोड़ने के निर्णय को लेकर सोशल मीडिया का एक गुट डीएम वंदना की गिरफ्तारी की मांग भी उठा रहा है। इसे लेकर एक्स पर आज #ArrestVandanaSingh ट्रेंड कर रहा है। आगे जानें कि आखिर आईएएस वंदना कौंन हैं।

बीते आठ फरवरी को नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा में नजूल भूमि पर बने मदरसे और मजार पर कार्रवाई के दौरान भीषण हिंसा भड़क गई थी। दंगाइयों ने पलक झपकते ही पथराव, पेट्रोल बम और फायरिंग कर ढाई सौ से अधिक पुलिस कर्मियों, निगम कर्मियों सहित पत्रकारों को घायल कर सौ से अधिक वाहन फूंक डाले थे। साथ ही बनभूलपूरा थाने को भी आग के हवाले कर दिया था। इसी दौरान डीएम वंदना ने तत्काल एक जो निर्णय लिया उसके चलते दंगे पर काबू पाया जा सका।

लगाया कर्फ्यू, गोली मारने के जारी कर दिए थे आदेश

हालात बिगड़ने पर डीएम वंदना ने पुलिस को वायरलेस सेट से आदेश दिया कि दंगाइयों को देखते ही पैरों में गोली मार दें। उसके बाद पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू की तो दंगाई तितर-बितर हो गए थे। अन्यथा पूरे शहर में हिंसा भड़क उठती।

तत्काल मंगवाई पैरामिलिट्री

हालात की जानकारी डीएम वंदना ने तत्काल शासन को दी और साथ ही इलाके में पर्याप्त संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करने की मांग उठाई थी। अगले दिन ही हल्द्वानी में पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात कर दी गई थी।

नायक के साथ कुछ के लिए खलनायक

हल्द्वानी हिंसा में डीएम वंदना नायक की भूमिका में नजर आईं। उसके त्वरित निर्णयों को पूरे देश और राज्य में सराहा जा रहा है। हालांकि धार्मिक स्थल ध्वस्त करने के कारण एक वर्ग सोशल मीडिया में डीएम वंदना के निर्णय की

खूब आलोचना करते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की मांग उठा रहा है। शनिवार को एक्स प्लेटफॉर्म पर #ArrestVandanaSingh ट्रेंड कर रहा है।

वंदना नाम ही काफी है

डीएम वंदना की एक खासियत यह है कि वह अपनी सरकारी गाड़ी में डीएम का बोर्ड लगाकर नहीं चलती हैं। जबकि आमतौर पर अन्य डीएम अपने सरकारी वाहन में बड़े-बड़े अक्षरों में डीएम अंकित करवाते हैं। लेकिन वंदना खुद में एक पहचान बन गई हैं। इतना ही नहीं वह अपने नाम के पीछे सरनेम भी नहीं लगाती हैं। उन्हें केवल वंदना के नाम से जाना जाता है। उन्होंने ‘सिंह’सरनेम हटा दिया है।

जानें कौन हैं आईएएस वंदना

हरियाणा के नसरुल्लागढ़ निवासी वंदना उत्तराखंड कैडर की 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं।

-वंदना ने कन्या गुरुकुल भिवानी से संस्कृत ऑनर्स और बीआर अंबेडकर विवि आगरा से एलएलबी की पढ़ाई की।

-24 साल की आयु में वंदना ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की।

-उसके बाद उन्हें सीडीओ पिथौरागढ़ के पद पर तैनाती मिली।

उसके बाद वंदना अल्मोड़ा की डीएम बनीं।

-अल्मोड़ा शहर में सीवर लाइन, ड्रेनेज सिस्टम, पार्किंग, पुस्तकालय समेत तमाम ज्वलंत हल कीं।

मई 2023 में उन्हें नैनीताल जिले की डीएम नियुक्त किया गया। त्वरित निर्णय लेने के लिए वह पूरे प्रदेश में जानी जाती हैं।

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