Saturday, September 5, 2026

जेल में सुविधाओं के लिए हर महीने 1.5 करोड़ खर्च रहा था कॉनमैन सुकेश, आठ अधिकारियों के खिलाफ जांच को मंजूरी

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भोंपूराम खबरी। महाठग सुकेश चंद्रशेखर जेल में बंद होकर भी किसी न किसी कारण से चर्चाओं में बना रहता है। अब दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जेल में सुकेश चंद्रशेखर द्वारा संचालित आपराधिक गिरोह के मामले में 8 अधिकारियों के खिलाफ जांच को मंजूरी दे दी है। राजनिवास के अधिकारियों की ओर से बुधवार को इस जांच के बारे में जानकारी दी गई है। अब तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक, उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत अधिकारियों के खिलाफ जांच को मंजूरी दी है।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने रोहिणी स्थित जेल से कथित तौर पर सुकेश द्वारा आपराधिक गिरोह चलाने के मामले में ये कार्रवाई की है। इस मामले में जेल के 8 अधिकारियों के खिलाफ जांच हो रही है। बता दें कि इससे पहले भी बीते साल उपराज्यपाल ने वित्तीय लाभ के लिए सुकेश की मदद करने के लिए 81 अन्य जेल अधिकारियों के खिलाफ जांच को अनुमति दी थी।

हर महीने 1.5 करोड़ का खर्च

आरोप लगाया गया है कि महाठगक सुकेश चंद्रशेखर जेल में बिना किसी तरह की रुकावट के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और अलग बैरक की सुविधाओं को हासिल करने के लिए हर महीने 1.5 करोड़ रुपये तक का खर्च किया करता था। आरोप है कि जेल के कुछ अधिकारियों ने पैसों की लालच में सुकेश को मुंहमांगी सुविधाएं मुहैया करवाई थीं।

8 अधिकारी जेल में

चन्द्रशेखर को कथित तौर पर मदद पहुंचाने के आरोप में 8 जेल अधिकारी सलाखों के पीछे हैं। इनमें दो जेल अधीक्षक, तीन जेल उपाधीक्षक और तीन सहायक जेल अधीक्षक शामिल हैं। इन सभी पर पैसे के बदले सुकेश के कारावास को आरामदेह बनाने और जेल में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने देने के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सुकेश द्वारा इन सभी काम को रोहिणी स्थित जेल नंबर 10 के वार्ड नंबर 3 के बैरक नंबर 204 से अंजाम दिया गया था

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