Saturday, September 5, 2026

भारत को मिला स्पेन से पहला सी-295 प्लेन

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भोंपूराम खबरी। भारत को स्पेन से पहला सी-295 प्लेन मिल गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हिंडन एयरफोर्स बेस पर कल सोमवार को भारतीय वायुसेना को सी-295 टैक्टिकल मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन सौंप दिया।

भारत को मिला स्पेन से पहला सी-295 प्लेन

आपको बता दें कि वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल वीआर चौधरी इस सी-295 प्लेन को लेने के लिए स्पेन के सेवील शहर गए थे। भारतीय वायुसेना के पायलट्स के पहले बैच ने इस विमान को उड़ाने की ट्रेनिंग ले ली है। दूसरे बैच के ट्रेनिंग की तैयारी चल रही है। इस प्लेन को दो लोग मिलकर उड़ाते हैं। इसमें 73 सैनिक या 48 पैराट्रूपर्स या 12 स्ट्रेचर इंटेसिव केयर मेडक या 27 स्ट्रेचर मेडवैक के साथ 4 मेडिकल अटेंडेंट ले जाए जा सकते हैं। यह अधिकतम 9250 किलो वजन उठा सकता है।

सी-295 प्लेन की खूबी –

वजन के हिसाब से यह 1277 से 4587 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। प्लेन की अधिकतम गति 482 किलोमीटर प्रतिघंटा है।

– यह 13, 533 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।

इसका विंगस्पैन 84.8 फीट है।

– इसकी लंबाई 80.3 फीट, ऊंचाई 28.5 फीट है।

इसमें एक बार में 7650 लीटर फ्यूल आ सकता है।

इसे टेकऑफ करने के लिए केवल 844 मीटर से 934 मीटर लंबाई वाला रनवे चाहिए जबकि उतरने के लिए महज 420 मीटर का।

हथियार –
प्लेन में 6 हार्डप्वाइंट्स होते हैं यानी हथियार और बचाव प्रणाली लगाने की जगह दोनों विंग्स के नीचे तीन-तीन या फिर इनबोर्ड पाइलॉन्स हो सकते हैं। जिसमें 800 किग्रा. के हथियार लगाए जा सकते हैं।
C-295MW
आपको बता दें कि स्पेन और भारत के बीच 56 प्लेन बनाने का समझौता हुआ है। पहले 16 विमान स्पेन में बनेंगे। बाकी के 40 को टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड बनाएगी। इसके लिए टाटा वडोदरा में फैक्ट्री बना रहा है जो 2026 तक बन जाएगी। टाटा ने पिछले वर्ष नवंबर से 40 सी – 295 प्लेन के लिए मेटल कटिंग का काम शुरू कर दिया है। हैदराबाद इसकी मेन कॉन्स्टीट्यूट एसेंबली है। वहां पर कई पार्ट्स जमाए जायेंगे। हैदराबाद फैसिलिटी एयरक्राफ्ट के प्रमुख हिस्सों को फैब्रिकेट करेगी जिसके बाद उसे वडोदरा भेजा जाएगा।

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