Saturday, September 5, 2026

यहां दादी ने पोतियों को बचाने के लिए भिड़ गईं गुलदार से

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गुलदार के हमले आए दिन होते रहते हैं। इन हमलों में अब तक कई लोग अपनी जानें गंवा चुके हैं। कई लोग इन हमलों में जीवनभर के लिए अपंग हो गए। लेकिन, इन हमलों के बीच कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जब मांग, दादी, दाददा, पिता अपनों को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गए। केवल भिड़े नहीं, बल्कि गुलदार को भागने पर मजबूर कर दिया। ऐसा ही एक मामला टिहरी जिले में सामने आया है।

प्रतापनगर ब्लॉक में घर के आंगन में बैठीं दो बच्चियों पर एक गुलदार ने हमला कर दिया। जैसे ही गुलदार झपटा, बच्चियों की दादी खुद उसके सामने आ गईं। इससे पोतियां तो बच गईं लेकिन दादी गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। घटना भदूरा पट्टी के आबकी गांव की है। गांव के प्रधान शिवराज रमोला ने बताया कि बुधवार रात करीब नौ बजे चंद्रमा देवी (58) पत्नी अव्वल सिंह नेगी घर के आंगन में थीं, उनकी करीब चार वर्ष की दो पोतियां वैष्णवी और रियांशी (चचेरी बहन) पास में ही बैठी थीं।

तभी गुलदार वहां आ धमका। जैसे ही गुलदार बच्चियों पर झपटा, चंद्रमा दोनों को पीछे कर खुद गुलदार के सामने आ गईं। गुलदार उन्हें घसीटते हुए ले जाने लगा। तभी घर के अन्य सदस्य आ आए और शोर मचाने लगे, जिससे गुलदार महिला को छोड़कर भाग गया। गुलदार के हमले में बुरी तरह से लहूलुहान हुईं चंद्रमा देवी को सीएचसी चौंड पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर जौलीग्रांट रेफर कर दिया गया। उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। पातियों के दादी के इस जज्बे और उनकी बहादुरी की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।

 

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.