Saturday, September 5, 2026

यहां ब्रजभूषण समर्थक की टोल प्लाजा में हत्या से हड़कंप

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी। बिहार के भोजपुर में मॉब लिंचिंग की एक बड़ी घटना सामने आई है। यह मॉब लिंचिंग टोल प्लाजा पर हुआ। हत्यारे टोल प्लाजा के ही बाउंसर हैं और मरने वाला यहीं का सुपरवाइजर। कोइलवर थाना क्षेत्र के कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर यूपी निवासी टोल सुपरवाइजर की महज 50 रुपये चुराने के आरोप में चार हरियाणवी बाउंसर ने हैवानों की तरह पीटकर जान ले ली। यूपी के दो बाउंसरों ने भी उनका साथ दिया। पीटे जाते समय आरोप तो 50 रुपये चोरी का था, लेकिन बताया जा रहा है कि यह सुपरवाइजर इन दिनों पहलवान विवाद में फंसे बृज भूषण सिंह का पक्ष लेता था। हरियाणवी बाउंसर इसी से गुस्से में थे और छोटी-सी चोरी की बात सामने आने पर टारगेट कर हत्या की गई। पकड़कर बुरी तरह पीटे जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो वायरल होने के बाद एसपी प्रमोद कुमार ने टोल के बाउंसर व अन्य कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिए । कोइलवर थाना क्षेत्र अंतर्गत आरा-पटना फोरलेन पर कुल्हड़िया स्थित टोल प्लाजा पर काम करने वाले मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के कर्मी बलवंत सिंह के रूप में हुई है। गोंडा के कटरा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत मनकापुर निवासी सूर्य नारायण सिंह का बेटा बलवंत सिंह युवा था । वह बिहार के भोजपुर में NHAI के नवनिर्मित कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर सुपरवाइजर था। उसपर आरोप लगाया गया कि उसने 50 रुपये की चोरी की है। उसका पक्ष सुने बगैर टोल प्लाजा पर कार्यरत बाउंसर उसे नजदीक के होटल की छत पर ले गए और बुरी तरह पीटा। उसके पॉकेट से पैसे छीन लिए। पीटते-पीटते जब बाउंसर थक गए और बलवंत मृतप्राय हो गया तो उसे गोंडा जाने वाली ट्रेन में छोड़ आए। वहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। मौत की खबर आने के बाद उसकी पिटाई का वीडियो सोमवार को सामने आया।

वीडियो में बलवंत गोलू भैया नाम लेकर गुहार लगाता दिख रहा है। पिटाई करते बाउंसर ग्रुप में कौन-कौन शामिल है, उसका नाम पूछते हैं। बलवंत किसी का नाम नहीं लेता है। वह पिटाई के बाद उठकर खड़ा भी होता है, लेकिन फिर उसका हाथ-पैर पकड़कर जनवरों की तरह पिटाई शुरू कर दी जाती है। पूरा वायरल वीडियो कुल्हड़िया टोल प्लाजा के पास होटल की छत का बताया जा रहा है। मौत की सूचना के बाद भी टोलकर्मियों का जमीर आधा ही जागा। आधा इसलिए, क्योंकि हत्या की वजह बता रहे लेकिन खुद को चश्मदीद या गवाह के रूप में सामने लाने से बच रहे हैं। टोलकर्मियों के अनुसार इन दिनों जो राजनीतिक बातें हो रही थीं, उसमें बलवंत और बाउंसर ग्रुप एक-दूसरे के खिलाफ हो गए थे। बलवंत बृज भूषण शरण सिंह का पक्ष ले रहा था, जिससे हरियाणा के रहने वाले बाउंसर नाराज थे। बलवंत सिंह पर जैसे ही पैसा चोरी करने का आरोप लगा तो मौका पाकर इन लोगों ने बदला चुकता कर लिया।

 

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.