Saturday, September 5, 2026

फ्रांस के कप्तान ह्यूगो लोरिस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया

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भोंपूराम खबरी, इंटरनेशनल डेस्क।  फ्रांस फुटबॉल टीम के कप्तान ह्यूगो लोरिस ने 36 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने यह फैसला 2022 फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना के खिलाफ फाइनल हारने के तीन सप्ताह के बाद लिया है।

फ्रांस के कप्तान ह्यूगो लोरिस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया

टोटेनहम हॉटस्पर के गोलकीपर लोरिस ने सोमवार को प्रकाशित फ्रांसीसी खेल दैनिक एल’इक्विप के साथ एक इंटरव्यू में कहा- मैंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को खत्म का फैसला किया है, इस भावना के साथ कि मैंने सब कुछ दे दिया है। मुझे लगता है कि यूरो कप क्वालिफाइंग राउंड की शुरुआत से ढाई महीने पहले अब इसकी घोषणा करना महत्वपूर्ण है।

फ्रांस के कप्तान ह्यूगो लोरिस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया

लोरिस ने नवंबर 2008 में 21 वर्ष की उम्र में उरुग्वे के खिलाफ एक दोस्ताना मैच में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। वह विश्व कप में फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने लिलियन थुरम के 142 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। फाइनल में उतरने के साथ ही लोरिस 145 मैचों में फ्रांस की टीम का हिस्सा रहे। 2022 फीफा विश्व कप के फाइनल में फ्रांस ने अर्जेंटीना से फुल टाइम और फिर एक्सट्रा टाइम तक 3-3 से ड्रॉ खेलने के बाद पेनल्टी शूटआउट में मैच गंवाया था। अर्जेंटीना ने फ्रांस पर शूटआउट में 4-2 से जीत हासिल की थी।

ह्यूगो लोरिस अपनी टीम को लगातार दो विश्व कप के फाइनल में पहुंचाने वाले चौथे कप्तान हैं। सबसे पहले यह उपलब्धि जर्मनी के कार्ल हींज रुमेनिगे ने हासिल की थी। उन्होंने जर्मनी को 1982 और 1986 के विश्व कप के फाइनल में पहुंचाया, लेकिन दोनों ही फाइनल में उन्हें हार मिली।महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना ने भी अर्जेंटीना को अपनी कप्तानी में लगातार दो बार विश्व कप के फाइनल में पहुंचाया।

जहां 1986 में अर्जेंटीना विजेता बनी, जबकि 1990 में उसे जर्मनी से हार सहनी पड़ी। डुंगा ने भी 1994, 1998 में ब्राजील को अपनी कप्तानी में दो बार फाइनल में पहुंचाया। 1994 में ब्राजील विजेता बना और 1998 में उसे फ्रांस ने फाइनल में हराया। लोरिस के पास लगातार दो विश्व कप जीतने वाले पहले कप्तान बनने का मौका था, लेकिन वह इससे चूक गए। लोरिस ने कहा- मैं वास्तव में विश्व कप के बाद से संन्यास के बारे में सोच रहा था।

पूर्व नीस और लियोन के गोलकीपर लोरिस की कप्तानी में फ्रांस ने रूस में 2018 विश्व कप में जीत हासिल की। वह यूरो 2016 सहित कुल सात मेजर टूर्नामेंट में खेले। यूरो 2016 के फाइनल में मेजबान फ्रांस पुर्तगाल से से हार गया था। विश्व कप में फ्रांस के बैक-अप गोलकीपर 37 वर्षीय रेनेस, अनुभवी स्टीव मंडंडा और वेस्ट हैम युनाइटेड के अल्फोंस अरेओला थे। हालांकि, फ्रांस के स्टार्टर के रूप में लोरिस के स्थान पर एसी मिलान के 27 वर्षीय माइक मेगनन का टीम में आना तय है, जो चोट के कारण विश्व कप से चूक गए थे।

लोरिस ने कहा- एक समय आता है जब आपको एक राह चुनने की जरूरत होती है। मैंने हमेशा कहा है कि फ्रांसीसी राष्ट्रीय टीम किसी एक व्यक्ति की नहीं है। मुझे लगता है कि एक गोलकीपर है जो तैयार है (मैगनन)। साथ ही मुझे अपने लिए अपने परिवार के लिए और अपने बच्चों के लिए थोड़ा और समय चाहिए। 14 से भी ज्यादा वर्षों तक फ्रांस का गोलकीपर होना एक बड़ी बात है, लेकिन यह मानसिक रूप से थका देने वाला भी है और मुझे उम्मीद है कि खुद के लिए कुछ समय निकालने से मुझे कुछ और वर्षों के लिए क्लब लेवल पर खेलने का मौका मिलेगा।

 

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