Tuesday, November 3, 2026

छह महीने से आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे सुब्रत कुमार विश्वास हिरासत में, मुख्यमंत्री के सामने आत्मदाह की चेतावनी के बीच पुलिस कार्रवाई

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भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। बंगाली समाज को आरक्षण एवं अन्य संवैधानिक अधिकार दिलाने की मांग को लेकर पिछले छह महीनों से रुद्रपुर के रवींद्रनाथ टैगोर पार्क में धरने पर बैठे समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आंदोलनकारियों के अनुसार, सुब्रत कुमार विश्वास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रुद्रपुर आगमन पर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। इसी घटनाक्रम के बीच पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से सुब्रत कुमार विश्वास पर धरना समाप्त करने और आंदोलन वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। प्रशासन की ओर से ज्ञापन देकर आंदोलन समाप्त करने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक बंगाली समाज को आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

 

कई आंदोलनकारी और समाजसेवी भी हिरासत में

 

पुलिस कार्रवाई के दौरान सुब्रत कुमार विश्वास के साथ सुनील हलदार, निर्भीक विश्वास, धीरज विश्वास, भजन राय, अर्जुन सरकार, राजू विश्वास, गौरांग सरकार, श्रीवास सरकार, अभिमन्यु साना, संजय आईस, प्रकाश शिकदार, बिद्युत शिकदार, वरिष्ठ नेता उत्तम आचार्य एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशित बाला , तिलक मलिक अभिमन्यु सना विशाल मलिक गोलू हालदार सौरभ मिस्त्री सहित अन्य आंदोलनकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

 

आंदोलनकारी संजय आईस और सुनील हलदार का कहना है कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे बंगाली समाज की आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की लड़ाई है। उनका कहना है कि गिरफ्तारी से समाज की आवाज समाप्त नहीं होगी और सरकार को आरक्षण की मांग पर जवाब देना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से बंगाली समाज की दूरी

 

इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रुद्रपुर कार्यक्रम में बंगाली समाज की अपेक्षित भागीदारी नहीं दिखाई देने का दावा भी आंदोलनकारियों ने किया। उनका कहना है कि आरक्षण की मांग पूरी नहीं होने से समाज के लोगों ने कार्यक्रम से दूरी बनाई और कुछ गिने-चुने लोग ही पहुंचे। आंदोलनकारियों ने इसे समाज की नाराजगी और अपने अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत बताया।

 

सरकार से सीधे सवाल

 

बंगाली समाज पूछ रहा है कि आखिर आरक्षण कब मिलेगा? छह महीने से चल रहे आंदोलन का समाधान कब निकलेगा? अपने अधिकारों की मांग करने वाले लोगों को हिरासत में लेने के बजाय सरकार उनसे संवाद क्यों नहीं करती?

 

आंदोलनकारियों ने सभी हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई, सुब्रत कुमार विश्वास की सुरक्षा और आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता की मांग की है।

 

अखिल भारतीय बंगाली एकता मंच एवं समस्त बंगाली समाज का संदेश है कि आरक्षण की मांग का समाधान शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक संवाद से होना चाहिए। गिरफ्तारी और दबाव के बीच भी समाज अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा।

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