Wednesday, October 28, 2026

विधायक शिव अरोरा के प्रयासों से फाजलपुर महरौला के हजारों परिवारों के समाधान की जगी उम्मीद, मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊं आयुक्त को कमेटी गठन के दिए निर्देश

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर/गैरसैंण। रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के फाजलपुर महरौला में वर्षों से रह रहे हजारों परिवारों की गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में विधायक शिव अरोरा के प्रयासों से नई उम्मीद जगी है। गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान विधायक शिव अरोरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर इस मामले में लिखित ज्ञापन सौंपा और हजारों परिवारों को राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को इस विषय में त्वरित कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।

विधायक शिव अरोरा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि फाजलपुर महरौला क्षेत्र में हजारों परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। इनमें अनेक परिवारों के पास अपनी भूमि की रजिस्ट्री, सीलिंग प्रमाणपत्र और दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर मकानों का निर्माण किया है और वर्षों से अपने परिवारों के साथ वहां रह रहे हैं।

 

विधायक ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के वर्ष 2017 के स्थगन आदेश के बाद से इन परिवारों को लगातार अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी ही भूमि पर मकान होने के बावजूद लोग बैंक से ऋण लेने, मकानों की खरीद-फरोख्त करने, भवनों के नक्शे पास कराने और बिजली कनेक्शन प्राप्त करने जैसी बुनियादी प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसके चलते हजारों परिवारों के सामने अपने घर और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

 

हाईकोर्ट में सशक्त पैरवी कर समाधान निकालने की मांग

 

विधायक शिव अरोरा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि गठित होने वाली कमेटी पूरे प्रकरण का गंभीरता से अध्ययन करे और प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में कार्य करे। उन्होंने कहा कि मामले में माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की जानी चाहिए, ताकि कानूनी पहलुओं का उचित समाधान निकालते हुए हजारों परिवारों को राहत मिल सके।

 

उन्होंने कहा कि इस विषय में ऐसे परिवारों के हितों का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है, जिन्होंने भूमि से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर अपने मकान बनाए हैं और लंबे समय से वहां निवास कर रहे हैं। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन निर्दोष परिवारों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

 

जरूरत पड़ने पर नियमितीकरण की नीति पर भी हो विचार

 

विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह विषय भी रखा कि यदि कमेटी अपनी रिपोर्ट में यह उचित पाती है कि शासन स्तर पर नियमानुसार नियमितीकरण की नीति बनाकर प्रभावित परिवारों को राहत दी जा सकती है, तो इस विकल्प पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हजारों परिवारों के आवास, भविष्य और जनकल्याण से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी कानूनी पहलुओं का परीक्षण करते हुए ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान संभव हो सके।

 

विधायक शिव अरोरा ने कहा कि हजारों परिवार वर्ष 2017 से इस समस्या के कारण विभिन्न कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। लोगों के लिए अपने ही मकानों के संबंध में बैंक ऋण, खरीद-फरोख्त और बिजली कनेक्शन जैसी आवश्यक सुविधाएं प्राप्त करना चुनौती बना हुआ है। ऐसे में मामले का समाधान निकालना अत्यंत आवश्यक है।

 

मुख्यमंत्री के निर्देश से प्रभावित परिवारों में जगी उम्मीद

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को त्वरित कमेटी गठित करने के निर्देश दिए जाने से इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद बढ़ी है। अब कमेटी के माध्यम से मामले के विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई का रास्ता तलाशा जा सकेगा।

 

विधायक शिव अरोरा ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए हजारों प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने की दिशा में ठोस पहल करेगी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि फाजलपुर महरौला के परिवारों की समस्या का ऐसा समाधान निकले, जिससे उनके आवास और भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता दूर हो सके।

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.