Tuesday, October 27, 2026

मेट्रोपोलिस में पहले से अधूरी ग्रीन बेल्ट पर बन रहीं व्यावसायिक दुकानें! SIDCUL की चुप्पी और कार्यकारिणी की मनमानी पर उठे गंभीर सवाल **रेरा के मानकों, गैस पाइपलाइन की सुरक्षा और दुकानों के आवंटन पर सवाल; शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से निवासियों में नाराजगी

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भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। मेट्रोपोलिस रेजिडेंशियल सोसाइटी में ग्रीन बेल्ट की भूमि पर कथित रूप से व्यावसायिक दुकानों का निर्माण और आवंटन अब गंभीर विवाद का विषय बनता जा रहा है। निवासियों की ओर से उठाए जा रहे सवाल केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सोसाइटी की सुरक्षा, रेरा के मानकों, वित्तीय पारदर्शिता और संबंधित विभागों की जवाबदेही से भी जुड़े हैं।

### बिल्डर ने पहले ही नहीं विकसित की पूरी ग्रीन बेल्ट, अब बची हुई हरियाली पर भी निर्माण?

सबसे गंभीर सवाल यह है कि मेट्रोपोलिस सोसाइटी में बिल्डर द्वारा स्वीकृत योजना के अनुरूप पूरी ग्रीन बेल्ट विकसित नहीं किए जाने की शिकायत पहले से रही है। निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में पहले ही हरित क्षेत्र अपेक्षा से कम है और अब बची हुई ग्रीन बेल्ट पर भी व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा है।

**क्या रेरा के अंतर्गत स्वीकृत लेआउट और हरित क्षेत्र से संबंधित शर्तों की अनदेखी कर आवासीय सोसाइटी को धीरे-धीरे व्यावसायिक परिसर में बदला जा रहा है?**

यदि निर्माण स्वीकृत ग्रीन बेल्ट में किया जा रहा है, तो क्या इसके लिए सक्षम प्राधिकरण से भूमि उपयोग परिवर्तन एवं आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई है? क्या निवासियों की सहमति ली गई है?

यह भी सवाल है कि यदि बिल्डर ने पहले ही स्वीकृत हरित क्षेत्र विकसित नहीं किया था, तो उस कमी को पूरा कराने के बजाय शेष हरित क्षेत्र में नए निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है?

### SIDCUL की नाक के नीचे निर्माण, शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

इस पूरे मामले में SIDCUL की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

निवासियों के अनुसार, ग्रीन बेल्ट पर हो रहे निर्माण को लेकर SIDCUL में शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

**सवाल यह है कि जब संबंधित विभाग को शिकायत दी जा चुकी है, तो निर्माण की वैधता की जाँच कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही?**

क्या SIDCUL ने मौके का निरीक्षण कराया? क्या निर्माण के लिए जारी अनुमति और स्वीकृत लेआउट की जाँच की गई? यदि निर्माण नियमों के अनुरूप है, तो उसकी अनुमति सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती?

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई की जानकारी न मिलने से विभाग की निष्क्रियता को लेकर संदेह और अविश्वास बढ़ रहा है। हालाँकि, विभाग की चुप्पी को उसकी सहमति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसलिए आवश्यक है कि SIDCUL इस मामले में अपनी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करे।

### दुकानों का आवंटन किस आधार पर? क्या चहेतों को दिया जा रहा लाभ?

दुकानों के निर्माण के साथ-साथ उनके आवंटन की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है।

क्या दुकानों के आवंटन के लिए सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया गया? क्या खुली निविदा या नीलामी कराई गई? किस व्यक्ति को कितनी धनराशि लेकर दुकान आवंटित की गई और उसका मासिक किराया कितना निर्धारित हुआ?

सोसाइटी में यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि दुकानों का आवंटन कहीं कुछ चुनिंदा अथवा कार्यकारिणी के करीबी लोगों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से तो नहीं किया जा रहा है।

यदि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, तो **आवंटियों की सूची, आवंटन शुल्क, किराया, अनुबंध और प्राप्त धनराशि का विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?**

### उच्च दबाव वाली गैस पाइपलाइन के निकट निर्माण, सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?

दुकानों के निर्माण स्थल पर महत्वपूर्ण यूटिलिटी लाइन और उच्च दबाव वाली गैस पाइपलाइन होने की जानकारी भी सामने आ रही है।

यदि निर्माण पाइपलाइन के ऊपर अथवा उसके निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र में हो रहा है, तो यह तकनीकी जाँच का अत्यंत गंभीर विषय है।

क्या संबंधित गैस कंपनी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया? क्या सुरक्षा दूरी और अन्य तकनीकी मानकों का पालन किया गया? क्या निर्माण से पहले आवश्यक निरीक्षण कराया गया?

**किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में सैकड़ों परिवारों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में निर्माण की तकनीकी जाँच कराना अत्यंत आवश्यक है।**

### लगातार आ रही रेता-बजरी, क्या अन्य ग्रीन बेल्ट भी व्यावसायिक निर्माण की भेंट चढ़ेंगी?

सोसाइटी परिसर में लगातार निर्माण सामग्री आने से भविष्य में अन्य स्थानों पर भी निर्माण किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

निवासियों के सामने यह सवाल है कि क्या भविष्य में शेष ग्रीन बेल्ट को भी दुकानों या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा?

सोसाइटी की हरित भूमि निवासियों के पर्यावरण, स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी है। इसलिए उसके उपयोग में किसी भी बदलाव की वैधता और आवश्यकता स्पष्ट की जानी चाहिए।

### घरेलू बिजली कनेक्शन पर व्यावसायिक गतिविधियाँ?

सोसाइटी के कुछ आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित होने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

क्या ऐसे परिसरों में नियमानुसार व्यावसायिक बिजली कनेक्शन लिए गए हैं, या घरेलू कनेक्शन से ही व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं?

संबंधित विद्युत विभाग को इन मामलों में लागू नियमों के अनुसार जाँच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

### छह महीने में पारदर्शिता के वादे कहाँ गए? क्या कुछ लोगों तक सिमट गई पूरी कार्यकारिणी?

नई कार्यकारिणी के गठन के समय निवासियों को उम्मीद थी कि सोसाइटी में पारदर्शिता आएगी, नियमित आमसभाएँ होंगी और वित्तीय निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाएँगे।

लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि लगभग छह महीने बीत जाने के बावजूद आय-व्यय का विस्तृत विवरण, बड़े निर्माण कार्यों की स्वीकृति, दुकानों के आवंटन और भविष्य की योजनाओं को लेकर निवासियों के सामने स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं रखी गई?

क्या महत्वपूर्ण निर्णय कार्यकारिणी के सभी सदस्यों की सहमति से लिए जा रहे हैं, या निर्णय प्रक्रिया कुछ चुनिंदा पदाधिकारियों तक सीमित होती जा रही है?

**जिस अपारदर्शिता और मनमानी के विरोध में बदलाव की उम्मीद की गई थी, क्या अब वही कार्यशैली नई कार्यकारिणी में भी दिखाई देने लगी है?**

### प्रशासन से स्वतंत्र जाँच की माँग

इस पूरे प्रकरण में आवश्यक है कि जिला प्रशासन, SIDCUL, संबंधित विकास प्राधिकरण, रेरा और अन्य सक्षम विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में निर्माण की वैधता, स्वीकृत लेआउट, ग्रीन बेल्ट की वास्तविक स्थिति, गैस पाइपलाइन की सुरक्षा तथा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया की जाँच करें।

साथ ही कार्यकारिणी को तत्काल आमसभा बुलाकर निर्माण की अनुमतियाँ, आवंटन प्रक्रिया, दुकानों से प्राप्त धनराशि, निर्धारित किराया तथा आय-व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।

**सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस मेट्रोपोलिस को एक सुव्यवस्थित आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया जाना था, क्या वहाँ अब निवासियों की सुविधाओं और हरियाली की कीमत पर व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है?**

**ग्रीन बेल्ट बचेगी या दुकानें बढ़ेंगी? पारदर्शिता आएगी या फैसले बंद कमरों में होते रहेंगे? और शिकायतों पर SIDCUL कब जवाब देगा?**

इन सवालों का जवाब अब केवल कार्यकारिणी को ही नहीं, बल्कि संबंधित जिम्मेदार विभागों को भी देना चाहिए।

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