Saturday, September 5, 2026

संकट अभी टला नहीं… सोना-चांदी के बाद अब ये 5 बड़े फैसले ले सकती है सरकार

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भोंपूराम खबरी। केंद्र सरकार ने हाल ही में सोना-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6 से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है, ताकि सोने-चांदी जैसी कीमती चीजों की खरीद पर बेवजह फॉरेक्स रिजर्व खर्च नहीं किया जाए. अब विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा इंडिया ने कहा है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में और भी नीतिगत घोषणाएं होने की संभावना है.

इन बदलावों में नॉन-मॉनेटरी पॉलिसीज एक्शन शामिल हो सकते हैं, जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक्स, गैर- जरूरी चीजें आयात करना और अन्य पर सख्त नियम लागू करना. इसके अलावा विदेशी मुद्रा जमा जुटाने के लिए बॉन्ड जारी किए जाने की भी संभावना है. साथ ही बॉन्ड में विदेशी निवेश के लिए टैक्स में राहत देने की भी बात चल रही है. चौथा- पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी की उम्मीद है और पांचवा बदलाव- आयातकों के लिए करेंसी हेजिंग में संभावित बदलाव करना शामिल है.

कितने बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम ? नोमुरा ने कहा कि राजकोषीय बोझ को कम करने के लिए फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है और ब्रोकरेज उन समाचार रिपोर्टों का हवाला दिया जिनमें पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की बात कही गई है. नोमुरा के अनुमान के अनुसार, भारत की CPI बास्केट में पेट्रोल के और डीजल का भार 4.8 प्रतिशत है, इसलिए 5 प्रतिशत की वृद्धि से हेडलाइन महंगाई में करीब 25- 30 बीपीएस की बढ़ोतरी हो सकती है.

नोमुरा ने पहले ही यह कहा था कि एनर्जी और विदेशी मुद्रा को लेकर नागरिकों से प्रधानमंत्री की अपील से यह संकेत मिलता है कि सरकार अब दोहरे घाटे को और बिगड़ने नहीं चाहती है. अब सरकार का फोकस आयात-निर्यात के बीच के अंतर को कम करना है.

सरकार ने सोने को लेकर उठाया सख्त कदम गौरतलब है कि सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है. इसमें 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया गया मूल सीमा शुल्क और 5 प्रतिशत एग्री एंड विकास उपकर (AIDC) शामिल है. नोमुरा ने कहा कि सरकार ने सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कानूनी औचित्य के रूप में ‘जनहित’ का हवाला दिया है और कहा है कि हमारे अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भुगतान संतुलन 70 अरब डॉलर से अधिक के घाटे में चल रहा है, इसलिए यह कदम सोने और अन्य कीमती धातुओं के आयात को कम करने और चालू खाता घाटे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

सोने-चांदी की कीमतों में उछाल

सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने के बाद सोने की कीमतों में बुधवार को 11 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई थी और चांदी की कीमतों में 22 हजार रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी देखी गई थी. हालांकि बाद में ये कीमतें थोड़े नीचे आई थी. एमसीएक्स पर आज भी इन कीमती धातुओं के दाम में तेजी देखी जा रही है.

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