
भोंपूराम खबरी। किसान सुखवंत आत्महत्या प्रकरण में 26 लोगों के खिलाफ काशीपुर की आईटीआई कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें कि काशीपुर के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने बीते 10 जनवरी को हल्द्वानी के गौलापार स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड से पहले सुखवंत ने फेसबुक पर लाइव आकर आरोप लगाया था कि उनके साथ करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। एक साल से पुलिस के चक्कर काटने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की थी। फेसबुक पर वीडियो वायरल होने से शासन में भी खलबली मच गई थी। मामले में कई पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हुई है। साथ ही 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। शासन के निर्देश पर मामले की जांच के लिए आईजी नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय एसआईटी गठित की गई है। आईजी ने कल से इस मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, अब इस केस को आईटीआई थाने से हटाकर काठगोदाम ट्रांसफर कर दिया गया है।

यूएस नगर पुलिस पर भरोसा नहीं
मृतक किसान के परिजनों को यूएस नगर पुलिस पर भरोसा नहीं रहा। अभी तक उनके घर की सुरक्षा यूएस नगर पुलिस कर रही थी। अब दूसरे जिले की पुलिस करेगी। आईजी और एसआईटी प्रमुख भरणे ने कहा कि मृतक के घर पर सुरक्षा में तैनात ऊधमसिंह नगर पुलिस के जवानों को हटाया जाएगा। उनके स्थान पर दूसरे जिले की पुलिस सुरक्षा के लिए तैनात की जाएगी। मृतक के घर के आसपास भी यूएस नगर पुलिस को भटकने नहीं दिया जाएगा।
घटना स्थल पहुंची एसआईटी
किसान सुखवंत आत्महत्या प्रकरण से हड़कंप मचा हुआ है। काठगोदाम के सर्किट हाउस में आईजी नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में एसआईटी की टीम ने दो घंटे तक घटनाक्रम से संबंधित फाइलें पढ़ीं। पूरा घटनाक्रम सिलसिलेवार जाना और घटनास्थल पर जाकर दोबारा फॉरेसिंक साक्ष्य लिए। आईजी भरणे शनिवार दोपहर दो बजे भीमताल होकर काठगोदाम सर्किट हाउस पहुंचे। यहां एसपी चम्पावत अजय गणपति, सीओ टनकपुर वंदना वर्मा समेत एक निरीक्षक और दरोगा के साथ बंद कमरे में दो घंटे तक बैठक की। इस दौरान अब तक जुटाए गए स्थानीय पुलिस के साक्ष्यों को देखा गया। शाम चार बजे टीम घटनास्थल पहुंची जहां 10 जनवरी की रात सुखवंत ने खुद को गोली मारी थी। टीम ने होटल कर्मियों से भी पूछताछ की।


