
भोंपूराम खबरी। कल यानी सोमवार से वाहन चालकों को सभी दस्तावेज साथ रखकर ही यात्रा करनी होगी। ओड़िसा, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात के बाद अब कल से उत्तराखंड में भी ई-डिटेक्शन प्रणाली शुरू हो रही है। राज्य के बहादराबाद, भगवानपुर, लच्छीवाला, पट्टी, बनुषी, नगला, देवरिया यानी कुल सात टोल प्लाजा कल से ई-डिटेक्शन प्रणाली से लैस हो जाएंगे। फास्टैग से टोल कटते ही वाहन के नंबर के आधार पर परमिट, पंजीकरण, फिटनेस, प्रदूषण, बीमा और रोड टैक्स से जुड़े कागज ऑनलाइन स्कैन होंगे। पहले चरण में सिर्फ परमिट, बीमा और फिटनेस उल्लंघन के चालान कटेंगे। इधर, परिवहन सचिव शैलेश तिवारी के मुताबिक उत्तराखंड ई-डिटेक्शन प्रणाली शुरू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन जाएगा। उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा पर उन वाहनों को भी डिटेक्शन किया जाएगा जो 15 साल से अधिक पुराने हैं और उनके रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं हुआ है। ऐसे वाहनों के भी ऑनलाइन चालान होंगे। लिहाजा कल से लोगों को वाहन चलाते समय जरूरी दस्तावेज साथ रखने ही होंगे अन्यथा उन्हें भारी भरकम चालान भुगतना पड़ेगा।

ऐसे काम करेगा ये सिस्टम
उत्तराखंड में ई-डिटेक्शन प्रणाली टोल प्लाजा के कैमरे से जुड़ी होगी। टोल प्लाजा पर फास्टैग स्कैन होते ही वाहन के पंजीकरण नंबर की पहचान हो जाएगी। इसे ई-डिटेक्शन सिस्टम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राष्ट्रीय डेटाबेस ‘वाहन’ पोर्टल से कनेक्ट करेगा। यहां ऑटोमेटिक सिस्टम वाहन के सभी दस्तावेजों की जांच करेगा। कोई भी दस्तावेज कम होने पर संबंधित वाहन का तत्काल ऑनलाइन चालान हो जाएगा। पहले चरण में सिर्फ परमिट, बीमा और फिटनेस प्रमाण पत्रों के मामलों में ही चालान होंगे। भविष्य में वाहन के सभी दस्तावेजों को शामिल किए जाएंगे। चालान कटते ही वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस आएगा। इसमें चालान की राशि, नियम उल्लंघन का प्रकार और ऑनलाइन भुगतान के लिए डिजिटल लिंक भी मिलेगा।


