
भोंपूराम खबरी। भाजपा विधायक पर जमीन हड़पने का आरोप लगने से हड़कंप मचा हुआ है। ये मामला उत्तराखंड के यूएस नगर जिले का है। ग्राम बिजपुरी कैलाखेड़ा निवासी 65 वर्षीय परमजीत कौर और उनके पुत्र अवतार सिंह ने भाजपा के गदरपुर विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे एवं उनके भाई अमर पांडे पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। इंसाफ की मांग पर परमजीत कौर और अवतार सिंह गुरुवार को भारी ठंड के बीच अलाव जलाकर एसडीएम दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2019 में विधायक पांडे के भाई अमर ने उनकी करीब एक हेक्टेयर कृषि भूमि को 30 साल की लीज के नाम पर धोखे में रखकर अपने नाम दर्ज करा लिया। महिला का आरोप है कि शुरुआत में केवल एक एकड़ भूमि की लीज की बात कही गई थी, लेकिन कागजी कार्यवाही में उन्हें गुमराह कर पूरी जमीन अपने नाम करवा ली गई। इधर, उनके धरने से हरकत में आए प्रशासन ने मामले की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित करा दी है। देर शाम पीड़ित परिवार ने प्रशासन के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया था।

राजनैतिक दबाव में नहीं सुनी शिकायत
भाजपा विधायक पर आरोप लगाने वाले परिवार का कहना है कि राजनैतिक दबाव के चलते उनकी शिकायत नहीं सुनी गई। परमजीत कौर और उनके बेटे अवतार सिंह ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक भावुक और चेतावनी भरा वीडियो जारी किया था। गुरुवार सुबह वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। दोनों ने गदरपुर विधायक पांडे के आवास के सामने सामूहिक आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। वीडियो में प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पिछले छह वर्षों से न्याय के लिए भटक रहे हैं। दोनों ने किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों से भी मदद की अपील की। बावजूद इसके उन्हें मदद नहीं मिली। इसी के चलते उन्हें धरने पर बैठने को मजबूर होना पड़ा।
विधायक बोले, मेरी सीबीआई जांच कराएं
धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे विधायक अरविंद पांडे ने गुरुवार को चीनी मिल गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता की। उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज किया। कहा, कि ‘मेरी सीबीआई जांच कराई जाए। यदि मैं या मेरा पूरा परिवार दोषी पाया जाता है तो जो भी सजा मिलेगी, वह मुझे स्वीकार होगी।’उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। विधायक ने कहा कि वह अपनी सत्यता साबित करने के लिए किसी भी स्तर की जांच का सामना करने को तैयार हैं और स्वयं इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग महिला परमजीत कौर उनकी मां के समान हैं और उनके संस्कार किसी के साथ छल या अन्याय की इजाजत नहीं देते। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि उन्होंने किसी का हक छीना हो या किसी को प्रताड़ित किया हो तो निष्पक्ष जांच कराई जाए।


