Wednesday, January 14, 2026

शस्त्र लाइसेंसों पर जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार, 827 लाइसेंस एक झटके में निरस्त

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भोंपूराम खबरी,देहरादून। जनपद में अवैध और मानक से अधिक शस्त्र रखने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए 827 शस्त्र लाइसेंस एक साथ निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय भारत सरकार और उत्तराखण्ड शासन के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई है, जिससे जिले में शस्त्र नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित हो। गृह मंत्रालय द्वारा आयुध (संशोधन) नियम-2019 के तहत आयुध अधिनियम 1959 की धारा-3 में संशोधन करते हुए एक व्यक्ति द्वारा रखे जाने वाले शस्त्रों की अधिकतम सीमा तीन से घटाकर दो निर्धारित की गई है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिए थे कि निर्धारित सीमा से अधिक शस्त्र रखने वाले लाइसेंस धारकों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर अतिरिक्त शस्त्र जमा कराए जाएं और नियमानुसार लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन देहरादून द्वारा 26 अप्रैल 2025 को ऐसे सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनके पास दो से अधिक शस्त्र पाए गए थे।

इसके बावजूद 54 लाइसेंस धारकों ने न तो अतिरिक्त शस्त्र हटाए और न ही कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया। जांच में एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर इनके नाम दो से अधिक शस्त्र दर्ज पाए गए। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद इन 54 शस्त्र धारकों के सभी अतिरिक्त शस्त्र और संबंधित लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए, जबकि शूटिंग खेल प्रतियोगिताओं के लिए स्वीकृत लाइसेंस धारकों को इससे अलग रखा गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने एनडीएएल- एएलआईएस पोर्टल पर यूआईएन जनरेट न कराने वाले शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया है। उत्तराखण्ड शासन के गृह अनुभाग द्वारा जारी विभिन्न शासनादेशों में स्पष्ट किया गया था कि 30 जून 2020 के बाद जिन शस्त्र लाइसेंसों में यूआईएन जनरेट नहीं हुआ है, उन्हें निरस्त किया जाए और संबंधित धारकों को नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया अपनानी होगी। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से शस्त्र धारकों को चेतावनी और सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद जनपद देहरादून में 773 ऐसे शस्त्र लाइसेंस पाए गए जिनमें अब तक यूआईएन जनरेट नहीं कराया गया था। शासनादेशों के अनुपालन में इन सभी 773 शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त करते हुए एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल से विलोपित कर दिया गया है।

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