भोंपूराम खबरी,गदरपुर। नाबालिक लड़की को बहला-फुसलाकर घुमाने के बहाने हरिद्वार के एक गांव में स्थित एक घर में ले जाकर शादी के नाम पर बेचने के आरोप में पुलिस द्वारा दो लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा एक महिला को हिरासत में लिया गया है, जबकि दूसरा मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। वही पीड़ित नाबालिग को बिना मेडिकल करवायें परिजनों को सौंप दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सकैनिया पुलिस चैकी क्षेत्र की एक गांव की एक नाबालिग लड़की को गदरपुर क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा बहला-फुसलाकर हरिद्वार ले जाया गया जहां आरोप है कि उसे 70000 रुपये में बेचा गया है जब नाबालिक द्वारा विरोध किया गया तो आरोपियों द्वारा उसे शादी के लिए खरीदे जाने की बात कही गई। नाबालिग लड़की ने अपनी बहन के फोन पर उक्त घटना की सूचना दी जिस पर उसकी बड़ी बहन ने हरिद्वार के पास स्थित गांव जाकर अपनी नाबालिग बहन को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया। वहीं आरोपियों ने कहा कि उसे शादी के लिए बिचैलिए के माध्यम से लाया गया है जिसकी कोर्ट में शादी के लिए पीड़िता के साइन भी लिए गए थे, आरोपियों ने उसे बालिग बताते हुए शादी किए जाने की बात कहीं। इस दौरान आरोपियों ने उनकी वीडियो भी बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जोकि पीड़ित लड़की एवं उसकी बहन द्वारा उसे नाबालिक बता कर हाथ जोड़ते हुए छोड़े जाने की गुहार लगाए जाने से संबंधित है। वहीं पुलिस द्वारा आरोपित बताई जा रही महिला को थाने लाकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उक्त लड़की को बालिग बताते हुए शादी के लिए बिचैलिए द्वारा जो कि एक नजदीकी ग्राम में रहता है हरिद्वार के पास स्थित एक गांव के लोगों से शादी के लिए तय किया गया था वहीं उक्त मामले में कई झोल होने के साथ पुलिस मामले की जांच कर रही है आधार कार्ड में भी नाबालिग युवती मात्र 16 वर्ष की बताई जा रही है उसकी मां मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करती है जबकि उसके पिता का कुछ वर्ष पूर्व एक दुर्घटना में निधन हो चुका है थाना अध्यक्ष विजेंद्र शाह ने बताया कि उक्त मामले में सभी पहलुओं की जांच करने के उपरांत ही कोई निर्णय या कार्रवाई की जाएगी! इधर आरोपी बताई जा रही महिला ने बताया कि इस मामले में बिचैलिए के अलावा अन्य कई लोग भी जो कि पीड़ित बताई जा रही बालिका के रिश्तेदार भी हैं उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई ना किए जाने पर फिर उसने रोष जताया।
वहीं पीड़िता का मेडिकल ना करवाया जाना भी कई सवाल खड़े कर रहा है मामले की जांच थाना केलाखेड़ा की उप निरीक्षक प्रियंका टम्टा द्वारा की जा रही है।




