भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले करीब डेढ़ साल सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा रहा। इस वजह से न रामलीला का मंचन हुआ और न ही रावण के पुतले जले, लेकिन कोरोना संक्रमण का खतरा कम हुआ तो अब फिर से धार्मिक सार्वजनिक कार्यक्रम भी पटरी पर लौट रहे हैं। इस बार नगर के गांधी पार्क में 15 अक्टूबर को दशहरा पर्व पर 65 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मेघनाद और कुंभकर्ण के 55-55 फीट के पुतले बनाए जा रहे हैं।
राम नाटक क्लब के वरिष्ठ सदस्य आशु ग्रोवर ने बताया कि दशहरा के लिए कार्यक्रम स्थल पर ही रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। रावण का पुतला 10 सिर वाला होगा और पुतले की ऊंचाई 65 फीट होगी। पुतले को तैयार करने के लिए रामपुर से सुलेमान खान सहित चार अन्य कारीगर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वे पिछले कई साल से रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले बनाते आ रहे हैं। पुतले बनाना उनका पुश्तैनी काम है। गांधी पार्क में जलने वाले रावण के पुतले को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसका ढांचा तैयार हो चुका है। पुतले पर पेंटिग व चेहरा बनाने का काम भी हो चुका है। इनके अंदर आतिशबाजी का सामान भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुतला दहन से पहले करीब एक घंटे तक आतिशबाजी की जाएगी। इन्हें बनाने में सुलेमान का साथ फैजान खान, फैजान खान और अम्बरीष दे रहे हैं। सुलेमान ने बताया कि कोरोना की वजह से पिछले साल पुतले बनाने का काम बंद था। जिस कारण इन कारीगरों को खासा आर्थिक संकट झेलना पडा था। उन्होंने कहा कि पुतले बनाने में बांस का अधिक प्रयोग होता है वही बांस को बांधने के लिए रस्सी पेपर का इस्तेमाल किया जाता है। इसको ज्वलनशील बनाने के लिए सूखी घास का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
कारीगरों का कहना है कि भले ही उनका धर्म अलग है लेकिन हिंदू धर्म का सम्मान करते हुए वे पुश्तैनी काम को आगे बढ़ा रहे हैं। सुलेमान ने कहा कि उनके पिता मंसूर खान बीते 45 सालों से इस काम में हैं। उन्होंने कामना करते हुए कहा कि समाज से रावण रूपी बुराइयों का अंत होना चाहिए और लोगों के बीच शांति व भाईचारे की भावना बढ़नी चाहिए।




