भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। नगर की प्राचीन बस स्टैंड वाली रामलीला में शनिवार रात को सुमंत की वापसी, राम केवट संवाद, दशरथ मरण एवं भरत मिलाप तक की सुंदर लीला का मंचन हुआ। इससे पूर्व समाजसेवी नरेश ग्रोवर व राकेश ग्रोवर तथा भूरारानी के पूर्व प्रधान रामकिशन खेड़ा व पार्षद मोहन खेड़ा ने दीप प्रज्ज्वलन कर लीला का शुभारंभ किया। श्री रामलीला कमेटी एवं श्री राम नाटक क्लब ने मुख्य अतिथियों का माल्यार्पण कर और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया।
लीला में श्री राम मंत्री सुमंत के लाख समझाने पर भी अयोध्या वापसी को तैयार नहीं होते। उसेक बाद राम की भेंट भील राजा गुह से होती है। गंगा पार करने के दौरान राम की मुलाकात केवट मल्लाह से होती है। राम- केवट संवाद में भक्ति रस का खूबसूरत अहसास समां बाँध देते हैं। उधर पुत्र वियोग में राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं। तत्पश्चात भरत वन पहुंचकर प्रभु श्री राम से वापस चलने की मनुहार करते हैं लेकिन राम उन्हें अपनी खड़ाऊँ देकर उन्हें विदा करते हैं। भरत सर पर खड़ाऊँ लेकर अयोध्या लौट जाते हैं। लीला में किरदारों के गाये गीतों ने उपस्थित हज़ारों हज़ार की भारी भीड़ को आँसू बहाने पर मजबूर कर दिया। लीला में राजा दशरथ का किरदार प्रेम खुराना, राम का किरदार मनोज अरोरा, भगवान गणेश जी आशीष ग्रोवर आशु, सुमंत का किरदार सचिन आनंद, केवट मल्लाह का किरदार अनिल तनेजा, लक्ष्मण जी- गौरव जग्गा, सीताजी- कपिश सुखीजा, भरत- संजीव आनंद, शत्रुघ्न की भूमिका में सौरभ राज बेहड़, कैकयी- नरेश छाबड़ा, कौशल्या- राजेन्द्र छाबड़ा , राजा गुह रोहित नागपाल, राजा- वैभव भुड्डी, नें निभाया। मंच संचालन मंच सचिव केवल कृष्ण बत्रा ने किया




