भोंपूराम खबरी। संयुक्त किसान मोर्चा गाज़ीपुर बॉर्डर के प्रवक्ता किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने आक्रोश व्यक्त करते हुये कहा कि उत्तराखंड सरकार ने धान खरीद की सीमा 70 कुंतल प्रति हेक्टेयर से घटाकर 60 कुंटल प्रति हेक्टर कर दी है जिससे किसानों को भारी नुकसान होने वाला है वही धान तुलाई के लिए जो पंजीकरण होता था उसमें खतौनी आधार कार्ड व बैंक की किताब लगती थी अब सरकार ने और अन्य खसरा आदि अन्य औपचारिकताऐं जोड़ने का आदेश जारी किया है जिससे कम से कम किसान सरकारी कांटो पर धान तुलवा सकें।
सरकार किसानों का शोषण करने पर उतारू है मंडी में धान धान तलाई के नाम पर किसानों द्वारा 15 से ₹20 प्रति कुंतल लेबर को भुगतान जाता है जबकि रुद्रपुर की एक फर्म को सरकार की तरफ से करोड़ों रुपए का भुगतान लेबर के नाम पर किया जाता है जब धान की तुलवाई लेबर किसान द्वारा दी जाती है तो धान की तुलाई का भुगतान भी किसान को होना चाहिए।
वहीं बाजवा ने कहा कि बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी सरकार की इस व्यवस्था से बेहद परेशानी होने वाली है किसानों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा किसान बिरादरी पहले से ही कर्ज में डूबी हुई है और सरकार उसे और कर्ज में डूबाना चाहती है ताकि किसानों की किसानी बड़ी-बड़ी कंपनियों के हवाले की जा सके सरकार के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा




