Friday, September 4, 2026

उत्तराखण्ड राज्य हेतु जिला कृषि आकस्मिकता योजना दस्तावेज बनाने हेतु कार्यशाला का हुआ आयोजन

Share

Advertisement
भोंपूराम खबरी,पंतनगर।  उत्तराखण्ड राज्य हेतु जिला कृषि आकस्मिकता योजना दस्तावेज बनाने हेतु अनुसंधान निदेशालय द्वारा वर्चुअल मोड में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केन्द्रो द्वारा प्रतिभाग किया गया।
निदेशक अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डा. अजीत सिंह नैन ने बताया कि कृषि की सफलता प्रबन्धन के साथ-2 मौसम पर भी निर्भर करती है। विगत कई दशकों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। जिससे कृषि भी प्रभावित हो रही है। इसका दुष्प्रभाव वर्षा आधारित क्षेत्रों में अधिक देखा गया हूँ। बदलते मौसम में कृषि उत्पादन कम से कम प्रभावित हो इसके लिए आकस्मिक कृषि योजना बनाना जरूरी है। यह दस्तावेज उत्तराखण्ड राज्य के प्रत्येक जिले के लिए, पंतनगर विश्वविद्यालय के अंर्तगत अनुसंधान निदेशालय द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। इसके प्रारूप एवं विषय वस्तु को अन्तिम स्वरूप देने के लिये एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अनुसंधान निदेशालय द्वारा वर्चअल मोड में किया गया।
कार्यशाला में पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. तेज प्रताप, उत्त्राखण्ड औद्योगिक एवं वानिकी विवि, भरसार के कुलपति डा. अजीत कर्नाटक द्वारा सम्बोधित किया गया। इस अवसर पर वि.प.कृ.अ.स. अल्मोड़ा के निदेशक डा. लक्ष्मी कान्त, निदेशक प्रसार, पंतनगर डा. एके शर्मा, निदेशक अनुसंधान, भरसार डा. सी तिवारी, डा. सुभाष चन्द्र, डा. राजीव रंजन आदि ने प्रतिभाग किया।
Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.