Friday, September 4, 2026

किसान आंदोलन में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति को पदयात्रा 

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भोंपूराम ख़बरी, रुद्रपुर।  किसान आंदोलन में मारे गए किसानों की आत्मिक शांति, तीन कृषि कानून बिल वापस लेने और ईवीएम की बजाए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर समाजसेवी और किसान सतपाल सिंह ठुकराल सोमवार को नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से गाजीपुर बॉर्डर के लिए नंगे पैर रवाना हो गए। इससे पूर्व उन्होंने गुरुद्वारे अरदास कर माथा टेका।
सतपाल ठुकराल ने कहा कि वह रुद्रपुर, रामपुर, मुरादाबाद, गढ़, गजरौला, गाजियाबाद होते हुए गाजीपुर बॉर्डर पहुंचेंगे। बॉर्डर पर एक दिन विश्राम के बाद वह चांदनी चौक दिल्ली स्थित शीशगंज गुरुद्वारे पहुंचेंगे। वह किसान आंदोलन में मारे गए किसानों की आत्मिक शांति को प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कई माह से देशभर के किसान आंदोलनरत हैं और अपनी शहादत दे चुके हैं। लेकिन केंद्र की हिटलर शाही वाली सरकार किसानों की मांगों को सुन नहीं रही। जिसमें कई किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं किए जाते किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए भी अरदास की जाएगी ताकि वह किसानों की इस मांग को पूरा कर सकें। ठुकराल ने कहा कि केंद्र सरकार ईवीएम के जरिए चुनाव संपन्न कराती है जिससे प्रतीत होता है कि सरकार अपने हक में ही फैसला चाहती है इसलिए इस बार के होने वाले चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं ताकि स्वच्छ और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि वह दिन रात नंगे पैर चलकर यह यात्रा पूरी करेंगे। पिछले कई माह से वह नंगे पैर चलकर ही शहर का भ्रमण कर रहे हैं और 11 दिनों से उन्होंने अन्न त्याग रखा है। जब तक केंद्र सरकार काले कानून वापस नहीं लेती उनका यह अभियान जारी रहेगा।
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