Friday, September 4, 2026

नेपाल से फरार 35 कैदी भारत में घुसने से पहले दबोचे

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भोंपूराम खबरी। नेपाल में हाल ही में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्पन्न अराजक स्थिति का फायदा उठाकर सैकड़ों कैदी जेलों से फरार हो गए थे। इस बीच भारत ने सतर्कता बरतते हुए अपनी सीमाओं को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए अब तक 35 फरार कैदियों को भारत में घुसने से पहले ही धर दबोचा है।

इन गिरफ्तारियों को उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा चौकियों पर अंजाम दिया गया। पकड़े गए कैदियों में उत्तर प्रदेश से 22, बिहार से 10 और पश्चिम बंगाल से 3 आरोपी शामिल हैं। ये सभी कैदी नेपाल में हाल ही में जेलों पर हुए हमलों और दंगों के बीच फरार हुए थे, और बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में घुसपैठ की फिराक में थे। एसएसबी ने नेपाल सीमा से सटे सभी संवेदनशील इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में हाल ही में पांच और फरार कैदियों को पकड़ा गया, जो नेपाल से होकर भारत में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे। सभी गिरफ्तार कैदियों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उनकी पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। एसएसबी अधिकारियों का कहना है कि खुफिया तंत्र को भी अलर्ट मोड में रखा गया है और सीमा पर चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। हर व्यक्ति की कड़ाई से तलाशी ली जा रही है, खासकर उन लोगों की, जो नेपाल से भारत की ओर आ रहे हैं। बता दें नेपाल में अचानक उभरे ‘जेन.जी आंदोलन’ के तहत व्यापक स्तर पर हिंसक प्रदर्शन और सरकारी संस्थानों पर हमले शुरू हो गए थे। इस बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा, जिससे राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ गई। विरोध प्रदर्शन इतने उग्र हो गए कि देश के 77 में से अधिकांश जिलों में जेलों पर हमले हुए और सैकड़ों कैदी फरार हो गए। पोस्ट में तैनात सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर, धमकाकर और हथियार लूटकर कैदियों ने भागने में कामयाबी हासिल की। नेपाल आर्मी ने जेलों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी है और कुछ इलाकों में कर्फ्यू जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन फिर भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। नेपाल की 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती है, जो उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम से लगी हुई है। अतीत में यह सीमा मानव तस्करी, अवैध व्यापार और अपराधियों की घुसपैठ के लिए भी इस्तेमाल होती रही है। ऐसे में एसएसबी की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। भारत सरकार ने नेपाल में जारी संकट को देखते हुए एसएसबी को निर्देश दिए हैं कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति सीमा पार न कर सके। विशेष रूप से नेपाल से आने वाले हर व्यक्ति की जांच, पहचान पत्र की पुष्टि और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। एसएसबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई और फरार कैदी भारत की ओर रुख कर सकते हैं, लिहाजा सीमा पर अलर्ट को अगले आदेश तक बनाए रखा जाएगा।

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