Saturday, September 5, 2026

2 साल बाद भी नहीं जारी हुआ नोटिफिकेशन, उत्तराखंड के 6 नेशनल हाईवे केंद्र में अटके

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भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड की छह प्रमुख सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का प्रस्ताव केंद्र में अटक गया है। इस वजह से गढ़वाल और कुमाऊं की कई अहम सड़कों के सुधारीकरण का काम लटक गया है।

दरअसल केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने राज्य की छह प्रमुख सड़कों को एनएच में परिवर्तित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी थी। लेकिन दो साल बीतने के बावजूद इस संदर्भ में अभी तक नोटिफिकेशन नहीं हो पाया है। इससे इन सड़कों के सुधारीकरण का काम एनएच की तर्ज पर नहीं हो पा रहा है और न ही उनकी चौड़ाई बढ़ पा रही है।

लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रस्ताव में लक्ष्मणझूला (ऋषिकेश)- दुगड्डा- नैनीडांडा- मोहान- रानीखेत सड़क सबसे महत्वपूर्ण है। इस मार्ग के एनएच बनने के बाद जहां गढ़वाल और लेख कुमाऊं के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा वहीं आपस में दूरी भी काफी कम हो जाएगी।

लोक निर्माण विभाग के एचओडी डीके यादव ने बताया कि नए एनएच में देरी की वजह यह है कि केंद्र सरकार ने पहले एन ऐप पर पढ़ें नोटिफाइड हो चुकी सड़कों के काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि जब पुरानी सड़कों की डीपीआर आदि का काम पूरा हो जाएगा उसके बाद इन सड़कों को नोटिफाई किए जाने की उम्मीद है।

ये प्रमुख सड़कें भी बनेंगी राष्ट्रीय राजमार्ग

राज्य की जिन सड़कों को एनएच के रूप में नोटिफाई किए जाने का प्रस्ताव है उनमें 189 किमी लम्बी काठगोदाम- भीमताल – धानाचुली-मोरनोला- खेतीखान- लोहाघाट- पंचेश्वर मार्ग, बुआखाल – देवप्रयाग मोटर मार्ग, देवप्रयाग- गजा- खाड़ी मोटर मार्ग, पांडुखाल- ऐप पर पढ़ें नागचुलाखाल- उफरैखाल- बैजरों मोटर मार्ग और बिहारीगढ़-रोशनाबाद सड़क शामिल हैं।

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