भोंपूराम खबरी। नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ साये की तरह रहने वाले उनके एडीसी मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने हाल में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज के अधिकारी रहे सांब्याल के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। लोग उनके समय से पहले रिटायरमेंट का कारण जानना चाह रहे हैं। अब ऋषभ सिंह सांब्याल ने खुद अपने इस्तीफे का कारण बताया है।
भारतीय सेना से इस्तीफे के बाद ऋषभ सिंह सांब्याल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा, उनके एक सवाल काफी पूछा जा रहा है कि उन्होंने आर्मी क्यों छोड़ी?
भावुक होते हुए पूर्व मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने कहा, सेना की वर्दी पहनना उनके बचपन का सपना था और उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वर्दी उतारना पड़ेगा। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण बताते हुए कहा कि जिंदगी में कुछ परिस्थितियां ऐसी आ जाती हैं, जो इंसान की दिशा बदल देती हैं।
ऋषभ सिंह सांब्याल ने बताया कि उन्होंने पारिवारिक और निजी कारणों से सेना से इस्तीफा दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार ने उनके फैसले का समर्थन किया और वह अब तक की अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका शादी करने का कोई प्लान नहीं है।
आगे क्या करेंगे ऋषभ सिंह सांब्याल?
राष्ट्रपति मुर्मू के एडीसी रहे ऋषभ सिंह सांब्याल ने स्पष्ट रूप से अपने आगे का कोई प्लान नहीं बताया है, लेकिन उन्होंने यह संकेत जरूर दिया है कि सेना से इस्तीफे के बाद भी वह किसी न किसी रूप में देशसेवा से जुड़ा हुआ काम करते रहेंगे।
NDA से शुरू हुआ सैन्य सफर
ऋषभ सिंह सांब्याल का सैन्य सफर राष्ट्रपति के ADC बनने से काफी पहले शुरू हो चुका था। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध उनके प्रोफेशनल प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने 2013 में NDA परीक्षा पास की और 2014 में नेशनल डिफेंस अकादमी के 133वें कोर्स में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने इंडियन मिलिट्री अकादमी में मिलिट्री स्टडीज और डिफेंस मैनेजमेंट की पढ़ाई की।
उनके करियर का एक अहम पड़ाव 2021 में आया, जब तत्कालीन कैप्टन सांब्याल ने गणतंत्र दिवस परेड में जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का नेतृत्व किया। इस टुकड़ी को बेस्ट मार्चिंग कंटिंजेंट ट्रॉफी भी मिली थी।
इसके बाद सांब्याल ने सेना की प्रतिष्ठित 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में भी सेवाएं दीं। इसे आम तौर पर डैगर्स के नाम से जाना जाता है। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि स्पेशल फोर्सेज में सेवा के दौरान उन्हें बलिदान बैज मिला था।
राष्ट्रपति के ADC बनने के बाद बढ़ी पहचान
मार्च 2023 में सांब्याल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ADC नियुक्त किया गया। राष्ट्रपति के ADC की भूमिका केवल औपचारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं होती। अधिकारी को राष्ट्रपति के कार्यक्रमों, प्रोटोकॉल, सुरक्षा समन्वय, यात्रा कार्यक्रम और वरिष्ठ अधिकारियों एवं विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से जुड़े आयोजनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होती हैं।
सांब्याल की पेशेवर प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने प्रोटोकॉल मैनेजमेंट, एग्जीक्यूटिव सिक्योरिटी, यात्रा कार्यक्रमों के समन्वय और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों व विदेशी राजनयिकों के साथ काम किया।




