भोंपूराम खबरी,बागेश्वर. जिले के कांडा तहसील क्षेत्र स्थित धर्मघर रेंज के बांझीरौटी गांव में मंगलवार को जंगल में मवेशी चराने गई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की आशंका जताई है, जबकि जिला प्रशासन और वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं विस्तृत जांच पूरी होने से पहले मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
जानकारी के अनुसार, बांझीरौटी गांव निवासी कमला देवी, पत्नी पूरन राम, मंगलवार को गांव के अन्य लोगों के साथ मवेशी चराने जंगल गई थीं। गांव में मवेशियों को जंगल ले जाने की बारी तय होती है और उस दिन कमला देवी अपने पति के साथ जंगल में थीं। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। महिला के गाल पर गहरे घाव और सिर पर चोट के निशान दिखाई देने पर ग्रामीणों ने आशंका जताई कि उन पर तेंदुए ने हमला किया होगा। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान प्रकाश राम भी घटनास्थल पहुंचे। इसके बाद थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धर्मघर रेंज अंतर्गत ग्राम बांझीरौटी, पोस्ट धपोलासेरा, तहसील कांडा निवासी महिला की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्रशासन के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने प्रारंभिक जानकारी में बताया कि महिला संभवतः तेंदुए के हमले से बचने के प्रयास में खाई में गिर गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। हालांकि वन विभाग की प्रारंभिक जांच में महिला के शरीर पर तेंदुए के हमले से संबंधित स्पष्ट कैनाइन (दांत) अथवा पंजों के निशान नहीं पाए गए हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कमला देवी अपने पीछे पति सहित चार बच्चों का परिवार छोड़ गई हैं। उनका बड़ा पुत्र बबलू कुमार परिवार के साथ बाहर रहता है। दो पुत्रियों का विवाह हो चुका है, जबकि 23 वर्षीय पुत्र पुष्पेश कुमार अविवाहित है। मृतका का मायका पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र के लोहाथल गांव में है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।




