Friday, September 4, 2026

उत्तराखंड: अगले 4 दिन मूसलाधार बारिश का अलर्ट । IMD चेतावनी

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भोंपूराम खबरी,देहरादू। उत्तराखंड में एक बार फिर मानसून का प्रकोप बढ़ने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के लिए 18 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान कई जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ भूस्खलन, चट्टान गिरने, नदियों और नालों के उफान जैसी घटनाएं हो सकती हैं। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और पूरी सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

18 जुलाई: पूरे उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई को राज्य के लगभग सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से देहरादून, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा।

19 जुलाई को भी मौसम का मिजाज बेहद खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज से अति तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं।

20 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। शेष पर्वतीय क्षेत्रों में भी तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।

21 जुलाई को बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा देहरादून, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में भी रुक-रुक कर तेज बारिश होती रहेगी।

मौसम विभाग के अनुसार 22 और 23 जुलाई को भी राज्यभर में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि इन दिनों अत्यधिक वर्षा की संभावना पहले की तुलना में कम रहेगी।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क बाधित होने की घटनाएं हो सकती हैं। साथ ही छोटी-बड़ी नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

• अनावश्यक यात्रा से बचें।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।

नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।

मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।

• आपदा की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं से तुरंत संपर्क करें।

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