Friday, September 4, 2026

गैस किल्लत के बीच बड़ा फैसला : कमर्शियल LPG सप्लाई बंद, ESMA लागू

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भोंपूराम खबरी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते संभावित गैस संकट को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड में फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग और आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। साथ ही केंद्र सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पूर्ति विभाग के एडिशनल कमिश्नर पी.एस. पांगती ने बताया कि राज्य में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।

इस फैसले से राज्य के होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग का कहना है कि जैसे ही सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य होगी, सभी उपभोक्ताओं के लिए नियमित आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी।

 

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए ESMA लागू

केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से ESMA लागू किया है। इसके तहत गैस की आपूर्ति को नियंत्रित कर आवश्यक सेवाओं और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार का कहना है कि हाल के महीनों में गैस सिलेंडरों की जमाखोरी की घटनाएं बढ़ने लगी थीं, जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही थी।

आवश्यक सेवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

ESMA लागू होने के बाद अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और अन्य जरूरी सेवाओं को एलपीजी और अन्य ईंधन की सप्लाई में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश

घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। यह कदम पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण संभावित आपूर्ति बाधाओं से निपटने के लिए उठाया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की कुल एलपीजी खपत 3.13 करोड़ टन रही, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 1.28 करोड़ टन था। शेष जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।

पश्चिम एशिया के तनाव से बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों के मुताबिक भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 85–90 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और अन्य पश्चिम एशियाई देशों से आता है। यह सप्लाई मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है।

हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते इस अहम समुद्री मार्ग के बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर गैस और तेल संकट की संभावना गहराने लगी है।

 

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