रुद्रपुर। पांच साल से बन रही रिंग रोड का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। औद्योगिक नगरी में 20 मार्च के बाद रिंग रोड पर ट्रायल होगा। 20.5 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का निर्माण कार्य 95 प्रतिशत हो गया है। फोरलेन रिंग रोड बनने से लोगों को जाम से निजात मिलने के साथ ही शहर की तस्वीर भी बदलेगी।
रुद्रपुर में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए लंबे समय से रिंग रोड की मांग की जा रही थी। पांच साल पहले वर्ष 2022 में लोनिवि ने रुद्रपुर में रिंग रोड का खाका खींचा था लेकिन फिजिकल सर्वे के लिए जरूरी सवा करोड़ रुपये शासन से नहीं मिलने की वजह से प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। बाद में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 20.5 किलोमीटर की रिंग रोड का प्रोजेक्ट तैयार किया। शासन से 1100 करोड़ का बजट स्वीकृत होने के बाद इसका कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी इसकी स्वयं मॉनीटरिंग करते रहे। समय-समय पर प्रशासनिक अमला इस कार्य को तेजी और गुणवत्ता के साथ कराने में लगा रहा।
12 गांवों से होकर गुजरेगी सड़क
रिंग रोड रुद्रपुर के आउटर हिस्सों में 12 गांवों से होकर गुजरेगी। रोड नेशनल हाईवे-74 में शिमला पिस्तौर, मलसा गांव होते हुए उत्तरप्रदेश के टेमरी में मिलेगी। टेमरी होते हुए रुद्रपुर में नेशनल हाईवे-74 को क्राॅस करते हुए भगवानपुर, छतरपुर होते हुए नेशनल हाईवे-87 से जुड़ेगी।
बेरोकटोक दौड़ेंगे सिडकुल आने वाले वाहन
औद्योगिक नगरी के लिए रिंग रोड महत्वपूर्ण होगी क्योंकि सिडकुल में आने वाले भारी वाहनों को सुबह सात बजे से रात 10 बजे तक शहर में एंट्री नहीं मिलती। वाहन माल को लोड कर दिनभर खड़े रहते हैं। रिंग रोड के बनने से वाहन शहर के बाहर होते हुए अपने गंतव्य के लिए गुजर सकेंगे।
रिंग रोड का कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो गया है। सरकार का लक्ष्य इस रोड पर यातायात जल्द संचालित करने का है। इसके लिए पूरा प्रशासनिक अमला लगा है। 20 मार्च के बाद रोड को ट्रायल के लिए खोला जाएगा। – नितिन सिंह भदौरिया, डीएम
रिंग रोड लगभग बनकर पूरी हो गई है। एमिनिटी स्कूल के पास पांच प्रतिशत कार्य बचा है। इसी सप्ताह तक ये कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रिंग रोड पर ट्रायल होगा। – तुषार गुप्ता, साइट इंचार्ज, एनएचएआई




