Friday, September 4, 2026

कांग्रेस ने किया पुलिस मुख्यालय कूच

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भोंपूराम खबरी। काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह द्वारा पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर की गई आत्महत्या का मामला सुलग उठा है। शुक्रवार को इस बहुचर्चित प्रकरण ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब कांग्रेस ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान करते हुए पुलिस मुख्यालय कूच किया।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर व्यवस्था के खिलाफ हुंकार भरी और ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल पद से हटाने की मांग की।विदित हो कि काशीपुर के ग्राम पैंगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने 11 जनवरी को हल्द्वानी के गोलापार स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर जीवन लीला समाप्त कर ली थी।

मौत को गले लगाने से पहले सुखवंत ने एक रूह कंपा देने वाला वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर भ्रष्टाचार, भू-माफियाओं के साथ साठगांठ और मानसिक उत्पीड़न के सीधे आरोप लगाए थे। इस वीडियो ने खाकी के दामन पर जो दाग लगाए, उसने पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि मामले की एसआईटी जांच चल रही है, लेकिन कांग्रेस ने इसे ‘अपराधियों को बचाने की ढाल’ करार दिया है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उत्तराखंड में रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं। सुखवंत सिंह लंबे समय से पुलिस और भू-माफियाओं के गठजोड़ की शिकायत लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। गोदियाल ने दो टूक कहा कि अगर समय रहते प्रशासन ने भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई की होती, तो आज एक किसान को अपनी जान न गंवानी पड़ती। यह आत्म हत्या नहीं बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। जब तक दोषियों को जेल नहीं भेजा जाता और लापरवाह उच्चाधिकारियों पर गाज नहीं गिरती, कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मामले को किसानों के सम्मान और सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा राज में अन्नदाता बेबस और लाचार महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुखवंत सिंह का वीडियो इस बात का पुख्ता सबूत है कि ऊधम सिंह नगर पुलिस माफियाओं के इशारे पर काम कर रही है। जब तक वहां के एसएसपी को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना बेमानी है। आर्य ने चेतावनी दी कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए शुरू किया गया एक व्यापक जन-आंदोलन है। पुलिस मुख्यालय कूच के दौरान कांग्रेसियों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शन में कांग्रेस के तमाम विधायक, सिख समाज के प्रतिनिधि, युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी भारी संख्या में शामिल रहे। सिख समाज के लोगों ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे कौम के प्रति पुलिस की संवेदनहीनता बताया। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में उधम सिंह नगर से लेकर देहरादून तक चक्का जाम किया जाएगा।

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