Friday, September 4, 2026

स्वामी विवेकानंद ने योग, राजयोग और ज्ञानयोग जैसे ग्रंथों की रचना करके युवा जगत को दिखाई नई राह: गणेश उपाध्याय

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भोंपूराम खबरी। राजकीय इंटर कालेज शान्तिपुरी में पूर्व दर्जा राज्यमंत्री डॉ० गणेश उपाध्याय ने स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर 161वीं जयन्ती मनाते हुए कहा कि योग, राजयोग और ज्ञानयोग जैसे ग्रंथों की रचना करके स्वामी विवेकानंद ने युवा जगत को नई राह दिखाई जिसका भारतीय जनमानस पर युगों युगों तक प्रभाव रहेगा।

स्वामी जी केवल एक संत ही नहीं बल्कि एक महान देशभक्त, दार्शनिक, वक्ता, विचारक, लेखक भी थे। स्वामी विवेकानंद के ओजपूर्ण विचार हमेशा से युवाओं को प्रेरित करते रहे हैं। स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन का हर क्षण देश के लिए समर्पित कर दिया। उनका पूरा जीवन हर किसी के लिए एक मिशाल की तरह है। वर्तमान समय में आवश्यकता है कि हम सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज और देश के हित में कार्य करने चाहिए। इस दौरान प्रताप सिंह कोरंगा, बहादुर सिंह कोरंगा, विपिन चंद्र मिश्रा, चंदन सिंह कोरंगा, सुरेश जोशी, राकेश प्रसाद, हेमा धामी, कुशाल सिंह धामी, खेम सिंह चौहान आदि विद्यालय कर्मचारियों सहित तमाम समाज सेवी मौजूद थे।

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