भोंपूराम खबरी। ऊधम सिंह नगर जिले के मत्स्य विभाग की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसके तहत, नगर पंचायत बांसखेड़ा में सरकारी खर्च से उत्तराखंड की पहली मत्स्य आहार मिल तैयार की गई है. इस मिल का संचालन स्थानीय एनजीओ के माध्यम से किया जाएगा. इस मिल के माध्यम से 25 महिलाओं को प्रत्यक्ष और 80 महिलाओं को अप्रत्यक्ष रोजगार का मौका मिलेगा।

जिला मत्स्य विभाग की ओर से फीड मिल के आवेदन करने वाली महिलाओं और एसटी एससी को 60 प्रतिशत और पुरुषों को 40 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जाएगी. इसके अलावा, मिल में तैयार किए गए माल को बेचने के लिए बाजार में भी उपलब्ध कराया जाएगा. इस पहल के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का मौका मिलेगा और उनकी स्वावलंबन क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा.।
ऊधम सिंह नगर जिले के मत्स्यविभाग की ओर से द्वितीय उद्घाटन समारोह के दौरान घोषित किया गया है कि दो टन प्रतिदिन की क्षमता वाली एक चारा बनाने वाली मिल खोली जाएगी. इस मिल के लिए मत्स्य विभाग ने महिलाओं और एसटी एससी वर्ग को 60 प्रतिशत और पुरुषों को 40 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की है.

105 महिलाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा
मत्स्य विभाग की ओर से बनाई गई जिले की पहली मत्स्य आहार मिल ऊधम सिंग नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र में स्थित नगर पंचायत बांसखेड़ा में बनकर तैयार हो चुकी है. यह मिल शीघ्र ही शुरू होगी और इसका संचालन काशीपुर के महिला समूह द्वारा किया जाएगा. इस मिल से 105 महिलाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का अवसर मिलेगा.
मत्स्य पालन विभाग के प्रभारी संजय छिमवाल ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और मछली पालकों को कम कीमत में आहार उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है, इसीलिए हमारे ओर से मत्स्य फीड मिल लगाने वाली महिलाओं और एसटी एससी वर्ग को 60 प्रतिशत और पुरुष को 40 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है.उन्होने बताया कि इच्छुक व्यक्ति जिला मत्स्य विभाग रुद्रपुर में पहुंचकर अपना आवेदन जमा कर सकता है. आवेदन की जांच के बाद स्वीकृत किया जाएगा और सब्सिडी का लाभ दिलाया जाएगा।
संजय छिमवाल ने बताया कि मत्स्य विभाग की ओर से सरकारी खर्च पर उत्तराखंड की पहली फीड मिल काशीपुर क्षेत्र के नगर पंचायत बांसखेड़ा में लगभग 41 लाख की लागत से तैयार कर स्थानीय एनजीओ को संचालन के लिए दे दी गई है जिसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 105 महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा. प्रति महिलाओं को 4600 रुपए से अधिक की सैलरी मिलेगी. उन्होंने कहा कि सरकारी सब्सिडी से फीड मिल खुलने से स्थानीय मछली पालकों को कम कीमत में फीड खरीदकर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.




