Friday, September 4, 2026

समाजसेवी गावा ने ढूंढा रुद्रपुर में बाढ़ का कारण, नदियों का मेल है दोषी!!

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भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। पिछले 24 घंटे हो रही बारिश के बाद शहर के भूतबंगला, पहाड़गंज और रम्पुरा में फिर निचले हिस्सों में पानी भर गया।यह पानी कल्याणी नदी का था या फिर बैगुल नदी का । यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन इसके बाद समाजसेवी सुशील गाबा जो कहा, नदियों का जो नक्शा दिखाया है, वह बहुत हैरान और प्रशासन पर सवाल उठाने वाला है। उनका नक्शा ठीक है, तो फिर 2021 में आई बाढ के लिए भी प्रशासन ही जिम्मेदार है।

समाजसेवी गावा ने ढूंढा रुद्रपुर में बाढ़ का कारण, नदियों का मेल है दोषी!!

यह बात हम यूं ही नहीं कह रहे हैं। दरासल रुद्रपुर दो नदियां बहती हैं, एक कल्याणी नदी है तो दूसरी बैगुल नदी है। दोनों सीधे उत्तर से दक्षिण की तरफ बहती है। लेकिन झील के दक्षिण साइट में प्रशासन ने कल्याणी नदी पूर्व की तरह मोड़कर बैगुल नदी में मिला दिया है। समाजसेवी सुशील गाबा रविवार को दोपहर बाद भूतबंगला पहुंचे। वहां उन्होंने नदी के मोड़ने पर प्रशासन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उनके पास दोनों नदियों के पुराने नक्शे मौजूद हैं, दोनों नदियां सीधे उत्तर से दक्षिण की तरफ बहती है। झील तक यह सब ठीक है, लेकिन भूतबंगला के उत्तर में कल्याणी नदी को पूरब तरफ मोड़कर पानी बैगुल में छोडा गया है, इसी बजह से दो नदियों का पानी एक नदी में छोड़े जाने से भूतबंगला, पहाड़गंज, रम्पुरा व अन्य क्षेत्रों में जलभराव हो रहा है, जबकि असली कल्याणी सूखी पड़ी हुई,उसका पानी उल्का शहर की तरफ आ रहा है। उन्होंने इसको लेकर सिंचाई विभाग के अफसरों से बात की तो पता चला कि कल्याणी नदी यूपी के सिंचाई विभाग के अधीन आती है, जिसकी सफाई न होने से पानी निकासी नहीं हो पाई पा रही है, उन्होंने कहा कि यदि दोनों नदियों में पानी सामान्य रूप से बाहर निकले तो शहर में जलभराव,बाढ सवाल ही खड़ा नहीं हो सकता है। लेकिन यह सब प्रशासन के नाकारेपन से हो रहा। प्रशासन गरीबों को उजाड़ने की तैयारी तो कर रहा है, लेकिन नदियों के पुराने रुख को खोलने का काम नहीं कर रहा है।

सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन कल्याणी नदी की झील तक सफाई कराई रहा है तो आगे क्यों नहीं करा रहा, कल्याणी नदी यदि यूपी के अधीन आती है, तो फिर सिडकुल से लेकर झील तक सफाई के नाम पर पिछले कई वर्षों से रुद्रपुर नगर निगम और प्रशासन द्वारा सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए कैसे खर्च किए गए हैं। इधर स्थानीय लोगों की मानें तो बाढ की मुख्य बजह दो नदियों का पानी एक नदी में छोड़ा जाना ही मुख्य बजह है। झील बनने से पहले कल्याणी का पानी सीधे इंद्रा चौक से होते हुए रम्पुरा के पश्चिम में होकर यूपी की तरफ जाता था, लेकिन अब झील से आगे कल्याणी नदी में पानी नहीं जाता, यह सब झील पर नदी को मोड़ने की बजह से हुआ है। जिसपर प्रशासन के साथ विधायक की भी नजर नहीं जा रही है।

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