Friday, September 4, 2026

सड़क हादसों को लेकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश

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भोंपूराम खबरी,देहरादून। अभी हाल में जनपद अल्मोड़ा में बस क्षमता से अधिक सवारी होने एवं देहरादून शहर में इनोवा कार के कथित ओवर स्पीड के कारण वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारी जनहानि हुई है। इसी के साथ ही विगत वर्षों के सापेक्ष सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण शराब पीकर नशे मे वाहन चलाना, माल वाहन में ओवर लोडिंग / सवारी होना, रेड लाइट जम्प, नाबालिग द्वारा वाहन चलाना, वाहन चालकों द्वारा अन्य वाहनों से प्रतिस्पर्दा करना, वाहन चालकों द्वारा मोबाइल का प्रयोग करते वाहन चलाना आदि पाये गये।

उपरोक्त दुर्घटनाओं पर पुलिस की सक्रियता से नियन्त्रण पाया जा सकता है। इस सम्बन्ध में पुलिस द्वारा समय पर बैरियर चैकिंग, सीसीटीवी कैमरे आदि की निगरानी आदि सहित तत्काल कार्यवाही की जायः-

देर रात्रि तक चलने वाले बार-पब के लाइसेन्स चैक कर तद्‌नुसार उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाये।

सार्वजनिक स्थान पर न्यूसेन्स एवं शराब पीने/पिलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। 3. पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाये जायें तथा उनका रख-रखाव भी नियमित रूप से किया जाये।

पुलिस कन्ट्रोल रूम पर सीसीटीवी कैमरे से नियमित मोनिटेरिंग की जाये।

सड़क पर पर्याप्त मात्रा में साइन बोर्ड लगाये जायें।

हॉट स्पॉट पर साइन बोर्ड एवं उचित निगरानी की जाये।

अन्य विभागों से भी समन्वय कर यथाआवश्यक कार्यवाहियां कराई जाये।

उपरोक्त क्रम में निर्देशित किया जाता है कि नशे में वाहन चलाने, ओवर स्पीड अथवा ओवर लोडिंग वाले वाहन चालकों एवं मालिकों के विरूद्ध मोटर यान अधिनियम 1988 यथासंशोधित 2019 सहित अन्य सुसंगत विधि के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही करना भी सुनिश्चित करें:-

क) सड़क दुर्घटना रोकने हेतु निरोधात्मक कार्यवाहीः- 1. नशे में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों की जांच हेतु सभी चैक पोस्ट / बैरियरों पर एवं यातायात पुलिस को पर्याप्त कार्यशील एल्कोमीटर उपलब्ध कराये जायें तथा नशे में पाये जाने पर वाहन चालक के धारा 185 मोटर यान अधिनियम 1988 यथासंशोधित 2019 के अन्तर्गत कार्यवाही करते वाहन को भी नियमानुसार सीज किया जाये। 2. स्पीडोमीटर अथवा रडार गन की मदद से ओवर स्पीड वाले वाहन चालकों के विरूद्ध धारा

 

112/183 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये।

 

सवारी वाहन में क्षमता से अधिक सवारी पाये जाने पर धारा 194 (1) के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये। इसी प्रकार माल वाहन में ओवर लोडिंग / सवारी पाये जाने पर भी धारा 194 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये।

नाबालिग का वाहन चलाते हुए पाये जाने पर उसके संरक्षक/ वाहन स्वामी के विरूद्ध धारा 199ए के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये।

खतरनाक तरीके वाहन चलाना, मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन चलाना तथा रेड जम्प आदि पर वाहन चालक के विरूद्ध धारा 184 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये।

सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति के वाहन चालक द्वारा दौड़ / गति का मुकाबले पर धारा

189 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये।

 

ख) सड़क दुर्घटना के बाद वैधानिक कार्यवाहीः- (

 

सार्वजनिक मार्ग पर उत्तावलेपन से वाहन चलाने पर धारा 281 बी0एन0एस0-2023 के

अन्तर्गत कार्यवाही की जाये।

लापरवाही से वाहन चलाने से उपहति पर धारा 125 बी०एन०एस०-2023 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये।

जनहानि होने पर धारा 106 (1) बी०एन०एस०-2023 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये। (ग) अन्य कार्यवाहीः-

बार लाइसेन्सधारक होटल, पब एवं रेस्टोरेन्ट प्रबन्धक द्वारा नशे वाले व्यक्ति को व्यवसायिक स्थान से प्रस्थान करने पर वाहन चलाने से रोकते हुए उसके परिजनों को सूचित कर उनके सुपुर्द किया जायेगा।

परिजनों से सम्पर्क न होने पर बार लाइसेन्सधारक द्वारा ऐसे व्यक्ति को डायल 112 अथवा स्थानीय पुलिस को सूचित कर पुलिस वाहन से उसके गन्तव्य तक पहुंचाने में भी मदद की जायेगी।

 

यदि बार लाइसेन्सधारक होटल, पब एवं रेस्टोरेन्ट प्रबन्धक द्वारा निर्देशों का पालन न करने पर यदि कोई दुर्घटना घटित होती है तो लाइसेन्सधारक / प्रबन्धक के विरूद्ध भी नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

इस प्रकार की दुर्घटना होने पर लापरवाही पाये जाने पर सम्बन्धित थाना प्रभारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही की जायेगी।

जनपदीय पुलिस प्रभारी उक्त निर्देशों से सभी बार लाइसेन्सधारक होटल, पब एवं रेस्टोरेन्ट प्रबन्धकों को सूचित करेंगे।

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