Friday, September 4, 2026

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा नगर निकाय चुनाव को लेकर सरकार तेजी से प्रयासरत

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भोंपूराम खबरी। प्रदेशभर के पंचायत प्रतिनिधि त्रिस्तरीय पंचायतों का दो साल का कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर जहां 15 जुलाई से आंदोलनरत हैं। शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मसूरी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नगर निकाय चुनाव को लेकर सरकार प्रयासरत है।

इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। मतदाता सूची तैयार हो गई है। सीमांकन कार्य अंतिम चरण में है। उसके बाद आरक्षण की कार्यवाही होगी। कहा कि जैसे ही ये सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी, सरकार चुनाव की तरफ आगे बढ़ेगी। वहीं शासन का स्पष्ट कहना है कि पंचायतों का कार्यकाल नहीं बढ़ेगा। पंचायत एक्ट में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं हैं। नवंबर में पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसके बाद दिसंबर में 7,795 ग्राम पंचायतों और 400 जिला पंचायत सदस्यों समेत क्षेत्र पंचायत और वार्ड सदस्यों के पदों पर चुनाव कराए जाएंगे। उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन से जुड़े पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को प्रदेश के 89 ब्लॉक कार्यालयों में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। संगठन का कहना है कि मांग पर अमल न होने पर तीन अगस्त को पंचायत प्रतिनिधि मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे। संगठन के प्रदेश संयोजक जगत सिंह मार्ताेलिया के अनुसार राज्य में 2020-21 में कोविड के दौरान त्रिस्तरीय पंचायतों की बैठकें नहीं हो सकी, जिससे ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि पहले भी पंचायतों का कार्यकाल बढ़ा है। राज्य गठन के बाद 2001 में पंचायतों के चुनाव होने थे, लेकिन उस दौरान एक साल तीन महीने 28 दिन का कार्यकाल बढ़ाया गया। झारखंड सरकार ने भी पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया है। पंचायती राज विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार यादव के अनुसार पंचायतों के चुनाव का कार्यकाल बढ़ाने की पंचायतराज एक्ट में कोई व्यवस्था नहीं है। पंचायतों के चुनाव तय समय पर होंगे। पंचायतों के परिसीमन के बाद उनके आरक्षण की कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने पिछले दिनों मुख्य सचिव को पंचायतों का दो साल का कार्यकाल बढ़ाने के लिए जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देश में कहा गया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2024-25 में न कराकर हरिद्वार जिले के साथ वर्ष 2027 में कराने चाहिए। विभागीय मंत्री ने यह भी कहा, झारखंड ने पंचायतों का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ाया था। वहीं राजस्थान ने भी एक राज्य एक चुनाव की घोषणा की है। इन राज्यों से जानकारी लेकर किस तरह की व्यवस्था हो सकती है, इस पर कार्य किया जाए। प्रदेश में ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान के 7,795, पंचायत प्रमुख के 95, जिला पंचायत अध्यक्ष के 13, ग्राम पंचायत सदस्य के 58,970, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 3,202 और जिला पंचायत सदस्य के 400 पदों के लिए चुनाव होने हैं। हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य सभी 12 जिलों में विभाग की इसी साल चुनाव कराने की तैयारी है।

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