भोंपूराम खबरी। किसी भी शहर को नियोजित करने और यातायात सुचारु बनाए रखने में बेतरतीब ठेले व रेहड़ी वाले सबसे बड़ी बाधा होते हैं, रुद्रपुर भी इनसे अछूता नहीं है। शहर में जगह-जगह लगने वाले ठेले रेहड़ी सुगम यातायात में बड़ी बाधा तो हैं ही शहर की सुंदरता में भी दाग लगा रहे हैं। ऐसे में वेंडरों को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम साढ़े पांच करोड़ रुपये से वेंडिंग जोन का निर्माण करा रहा है। इसके तहत कुल 160 दुकानें बनाई जा रही हैं।
हालांकि एक वर्ष से निर्माणाधीन वेंडिंग जोन का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि वेंडिंग जोन में दुकानों के आवंटन को लेकर एक अनार और सौ बीमार वाली स्थिति है। दुकानों की संख्या बेहद सीमित है, जबकि आवंटन लेने वाले वेंडरों की संख्या कहीं अधिक दुकानों के आवंटन को लेकर फिलहाल नगर निगम के पास कोई ठोस रणनीति नहीं है।
शहरवासियों को जाम के झाम से निजात दिलाने और शहर को सुंदर बनाने के लिए वेंडिंग जोन बनाने का प्रवास वर्षों से चल रहा था। वर्ष 2023 में जी-20 समिट के दौरान रोडवेज बस स्टैंड के सामने से समोसा मार्केट हटा दिया गया। जिसमें 130 पक्के दुकान वाले दुकानदारों वहां से हटाया गया जिसके बाद शहर में जगह- जगह और रेहड़ी वालों की बाढ़ आ गई, जो शहर में जाम का बड़ा कारण बनने लगे।
ऐसे में समोसा मार्केट के विस्थापितों और ठेले वालों के लिए नगर निगम और इंदिरा चौक के समीप करीब सवा एकड़ भूमि पर रामपुर रोड किनारे पेंडिंग जोन बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य एक वर्ष से चल रहा है, लेकिन अब तक सिर्फ 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। इतना ही नहीं | वेंडिंग जोन में 160 दुकानें बन रही हैं, लेकिन यहां करीब तीन हजार से अधिक ठेले-रहेड़ी वाले हैं। ऐसे में किस आधार पर दुकानों का आवंटन होगा, और जिन्हें दुकानें नहीं मिल सकेंगी उनके लिए क्या नया कोई नया जोन बनाया जाएगा, इसको लेकर निगम के पास कोई जवाब नहीं है।
दुकानों के आवंटन को लेकर अब तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यह भी जानकारी मिली है कि जिला प्रशासन की ओर से एक कमेटी बनाई गई है, जो वेडिंग जोन के किराए का निर्धारण और आवंटन पर काम करेगी। कार्यदायी संस्था को एक माह का दिया है समय करीब एक वर्ष से पेंडिंग जोन का काम चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि 60 प्रतिशत काम हो चुका है और 25 दुकानें पूरी तरह बन चुकी हैं। ऐसे में उन्हें एक माह का और समय दिया गया है।
वही नगर आयुक्त नरेश चंद्र दुर्गापाल ने बताया कि नगर निगम की ओर से करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से 160 दुकानों वाला वेडिंग जोन बन रहा है। कार्यदाई संस्था को एक माह के अंदर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। जिला प्रशासन की ओर से कमेटी बनाई गई है जो किराए का निर्धारण और आवंटन पर कार्य करेगी।
यहां लगते हैं ठेले-रेहड़ी सब्जी मंडी, ट्रांजिट कैप, किच्छा बाईपास रोड, अग्रसेन चौक, काशीपुर बाईपास रोड, मुख्य बाजार, आवास विकास, रिंग रोड, अटरिया रोड, आदर्श कालोनी, इंदिरा चौक आदि। इन स्थानों से हटाये अतिक्रमण व ठेले समोसा मार्केट, गांधी पार्क, किच्छा बाईपास रोड, डीडी चौक, काशीपुर बाइपास आदि।
समोसा मार्केट वालों को प्राथमिकता जी-20 समिट के दौरान रोडवेज के सामने से करीब 130 दुकानें तोड़ी गई थी, जिसका काफी विरोध भी हुआ। जिसके बाद उन्हें विस्थापित करने की तैयारी है। ऐसे में वेडिंग जोन में उन्हें प्राथमिकता दी जा सकती है। दुकानों की साइज को लेकर भी रोष दुकानों की साइज को लेकर भी कई बार व्यापारियों और नेताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया है। बताया जा रहा है कि छह बाई 10 की दुकानें बनाई जा रही हैं। ऐसे में बड़े दुकानदारों में रोष है।
नैनीताल हाईवे, किच्छा हाईवे या गांधी पार्क के आसपास, आवास विकास, अग्रेसन चौक आदि स्थानों पर सड़क के किनारे ठेले लग जाते हैं। अतिक्रमण से सड़क संकरी होने से जाम लग जाता है। – राजकुमारी यादव, बागवाला
सड़कों के किनारे फड़-ठेलों से बाजार में जाम लगा रहता है। बाजार में आने पर वाहन एक किमी दूर खड़ाकर पैदल आकर खरीदारी करनी पड़ती है। इसका असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। राम सिंह बेदी,
ग्राहकों दोनों को सहूलियत होगी। पार्किंग के लिए जगह मिल जाएगी। जाम की समस्या नहीं होगी तो कारोबार भी अच्छा रहेगा। दुकानों का आवंटन जल्द होना चाहिए। सुरमुख सिंह विर्क, रुद्रपुर
ठेलों पर पर लोग यूज एंड थ्रो के प्लेट आसपास फेंक देते हैं। इससे नालियां चोक हो जाती हैं और गंदा पानी सड़कों पर आने लगता है। वेडिंग जोन से सड़क व नालियां साफ रहेंगी। – सीमा गुप्ता, निवर्तमान पार्षद, वार्ड, 12
गरीब लोग रोजी रोटी के लिए ठेले फड़ लगाते हैं। थोड़ी दिक्कत तो होती है, उनके भी परिवार हैं। हालांकि इनके लिए जिला प्रशासन सिंचाई विभाग की जमीन में वेडिंग जोन बना रहा है। – डा. शाहखान राजशाही, रुद्रपुर




